भागलपुर के नाथनगर इलाके में अपराधियों ने एक नए बने मकान को अवैध हथियार निर्माण केंद्र बना रखा था। मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के रहमतबाग मोहल्ले में चल रही इस “मौत की फैक्ट्री” का भंडाफोड़ बिहार एसटीएफ और पश्चिम बंगाल एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में हुआ है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में गुपचुप तरीके से बड़े पैमाने पर देसी हथियार तैयार किए जा रहे हैं, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
जब STF और स्थानीय पुलिस ने मकान को चारों ओर से घेरकर तलाशी ली, तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। मौके से भारी संख्या में—

देसी कट्टे
अर्धनिर्मित पिस्तौलें
बैरल और ट्रिगर
हथियार बनाने के आधुनिक औजार
बरामद किए गए।
सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह एक पूरी तरह से सुसज्जित मिनी गन फैक्ट्री थी, जहां हथियारों को अंतिम रूप दिया जा रहा था।
बंगाल चुनाव से जुड़े हो सकते हैं तार
जांच में सामने आया है कि यहां तैयार हो रहे हथियारों की खेप आगामी पश्चिम बंगाल चुनाव में खपाने की योजना थी। आशंका है कि चुनावी हिंसा फैलाने के लिए इनका ऑर्डर दिया गया था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड और खरीदारों की तलाश में जुट गई है।
पांच आरोपी गिरफ्तार, जांच तेज
मौके से पांच लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है, जो हथियार बनाने और उनकी फिनिशिंग का काम कर रहे थे। पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पूछताछ के आधार पर आगे और छापेमारी की तैयारी की जा रही है।
भागलपुर पुलिस का कहना है कि इस अवैध हथियार नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।

