नवगछिया | नवगछिया के गोपालपुर प्रखंड स्थित लालजी मध्य विद्यालय परिसर इन दिनों अपनी अनोखी शिक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस परिसर की खासियत यह है कि यहां आंगनबाड़ी केंद्र से लेकर राजकीय डिग्री कॉलेज तक की कक्षाएं एक ही कैंपस में संचालित हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह की व्यवस्था शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश कर रही है।
परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र, कन्या प्राथमिक विद्यालय, लालजी मध्य विद्यालय, श्रीलाल जी उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय तथा नवसृजित राजकीय डिग्री कॉलेज संचालित हैं। सुबह होते ही यहां नन्हे बच्चों की किलकारियों से लेकर स्नातक के छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक गतिविधियों तक का जीवंत माहौल देखने को मिलता है।
एक ही परिसर में विभिन्न स्तर की शिक्षा उपलब्ध होने से अभिभावकों को भी काफी सुविधा मिल रही है। परिवार के अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों को अलग-अलग विद्यालयों में भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बचत होती है।

हालांकि, इस व्यवस्था के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। एक ही परिसर में कई शिक्षण संस्थानों के संचालन के कारण जगह की कमी, भीड़भाड़ और संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव महसूस किया जा रहा है। वर्तमान में आंगनबाड़ी, कन्या प्राथमिक विद्यालय, मध्य विद्यालय और उच्च माध्यमिक विद्यालय के अपने-अपने भवन हैं, लेकिन नवसृजित राजकीय डिग्री कॉलेज फिलहाल उच्च माध्यमिक विद्यालय के कमरों में संचालित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस परिसर का योजनाबद्ध तरीके से विकास किया जाए और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो यह पूरे क्षेत्र के लिए आदर्श शैक्षणिक मॉडल बन सकता है। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार डिग्री कॉलेज के स्थायी भवन के निर्माण के लिए करीब पांच एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है। भूमि उपलब्ध होते ही भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के विभिन्न स्तरों को एक ही परिसर में संचालित करने वाला गोपालपुर का यह मॉडल भविष्य में अन्य इलाकों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के बाद यह परिसर शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करने की क्षमता रखता है।

