जीरोमाइल में मीट दुकान पर मिलावट का आरोप, नगर परिषद करेगी लाइसेंस और नियमों की जांच
नवगछिया। नवगछिया के जीरोमाइल इलाके में मीट की बिक्री को लेकर एक दुकान पर ग्राहकों को कथित रूप से गुमराह कर मांस बेचने का आरोप सामने आया है। मामले से संबंधित एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद नगर परिषद नवगछिया ने संबंधित दुकान के लाइसेंस और मीट बिक्री से जुड़े निर्धारित नियमों की जांच कराने की बात कही है।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि बकरे के मांस के टुकड़ों में खस्सी के निजी अंग का हिस्सा (अंडकोष) कथित रूप से चिपकाकर उसे खस्सी का मांस बताने और अधिक कीमत पर बेचने का प्रयास किया जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले में वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय निवासी लालू यादव, प्रीतम कुमार, अमित कुमार और अजित यादव ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

पहले भी शिकायत सामने आने का दावा
स्थानीय लोगों का कहना है कि जीरोमाइल क्षेत्र में मीट की दुकानों को लेकर इस तरह की शिकायत पहले भी सामने आ चुकी है। उनका दावा है कि पूर्व में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने एक मीट दुकान से बोटू (बकरे) के अवशेष बरामद किए थे और कुछ लोगों को पूछताछ के लिए थाना ले जाया गया था। हालांकि, इस पूर्व मामले से संबंधित दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच खाद्य सुरक्षा मानकों के साथ-साथ मीट दुकानों के संचालन से जुड़े नियमों के तहत कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मीट की बिक्री में ग्राहकों को सही जानकारी देना और निर्धारित मानकों का पालन करना जरूरी है।
लाइसेंस और गाइडलाइन की होगी जांच
नगर परिषद नवगछिया के पदाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि मीट की दुकान संचालित करने के लिए लाइसेंस आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मामले में जल्द कार्रवाई की जाएगी। अवैध रूप से संचालित दुकानों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई और अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के आधार पर संबंधित दुकान के लाइसेंस और निर्धारित गाइडलाइन की जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले में नगर परिषद की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दुकान में वास्तव में किसी प्रकार की मिलावट या नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं।
