भागलपुर में 33 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान, किसानों को फूलगोभी-पत्तागोभी की खेती की सलाह
भागलपुर। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, 17 से 21 अक्टूबर के दौरान भागलपुर सहित दक्षिण बिहार के अधिकांश जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। आसमान प्रायः साफ रहेगा। हालांकि, 17 और 18 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान 8 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवा हवा चलने के आसार हैं।
Total Downloads: 425
मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए किसानों और पशुपालकों के लिए कृषि संबंधी सुझाव भी दिए गए हैं। किसानों को फूलगोभी और पत्तागोभी की बुआई एवं रोपाई के लिए उपयुक्त किस्मों का चयन करने की सलाह दी गई है। वहीं, पशुपालकों को दुधारू पशुओं के पोषण और पशुशाला की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
33 डिग्री तक पहुंच सकता है अधिकतम तापमान
पूर्वानुमान के अनुसार, भागलपुर में अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 80 से 85 प्रतिशत तथा दोपहर में 70 से 75 प्रतिशत रहने की संभावना है।

इससे पहले शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। अगले दिनों मौसम के शुष्क रहने से कृषि कार्यों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी रहने की उम्मीद है। हालांकि, 17 और 18 अक्टूबर को संभावित हल्की बारिश को ध्यान में रखते हुए किसानों को स्थानीय मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
फूलगोभी की इन किस्मों की रोपाई का उपयुक्त समय
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अवधि में मध्यम अवधि वाली फूलगोभी की किस्मों की रोपाई की जा सकती है। इनमें पूसा हिम ज्योति, डी-96 और पंत शुभ्रा प्रमुख हैं।
वहीं, पछेती फूलगोभी की खेती करने वाले किसान पूसा स्नोबॉल-1 और पूसा हाइब्रिड-2 जैसी किस्मों की नर्सरी तैयार करने के लिए बीज की बुआई कर सकते हैं। इसके लिए प्रति हेक्टेयर 350 से 400 ग्राम बीज की अनुशंसित मात्रा बताई गई है।
किसानों को सलाह दी गई है कि रोपाई से पहले खेत की तैयारी, मिट्टी में नमी और पौधों की उचित दूरी का ध्यान रखें, ताकि फसल की बढ़वार बेहतर हो सके।
पत्तागोभी की खेती में रखें पौधों की दूरी का ध्यान
पत्तागोभी की खेती करने वाले किसान पूसा ड्रम हेड और पूसा अगेती किस्मों का चयन कर सकते हैं। इसके लिए प्रति हेक्टेयर लगभग 500 ग्राम बीज की आवश्यकता बताई गई है।
रोपाई के दौरान कतार से कतार की दूरी 50 से 60 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 40 से 50 सेंटीमीटर रखने का सुझाव दिया गया है। उचित दूरी रखने से पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है और खेत में देखभाल करने में भी सुविधा होती है।
दुधारू पशुओं के आहार पर दें विशेष ध्यान
मौसम में बदलाव के दौरान पशुपालकों को दुधारू पशुओं के संतुलित आहार और स्वास्थ्य सुरक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। पशुओं को हरे और सूखे चारे को लगभग 50:50 के अनुपात में मिलाकर खिलाने का सुझाव दिया गया है।
इसके अतिरिक्त प्रतिदिन 20 से 30 ग्राम खनिज मिश्रण और उचित मात्रा में नमक देने की सलाह दी गई है। पशुओं की जरूरत के अनुसार आहार की मात्रा तय करना भी जरूरी है।
पशुशाला की साफ-सफाई जरूरी
पशुपालकों को पशुशाला और उसके आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा मच्छर, मक्खी और अन्य परजीवी कीटों को पनपने से रोकने की सलाह दी गई है। परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए नियमित सफाई और उचित कीट नियंत्रण उपाय अपनाने चाहिए। चूने का छिड़काव करते समय उसे पशुओं के सीधे संपर्क से दूर रखना चाहिए।
कुल मिलाकर, भागलपुर में अगले दिनों मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। ऐसे में किसान सब्जियों की खेती से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ा सकते हैं, जबकि पशुपालकों को संतुलित आहार और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
