नवगछिया में दो दिनों में होगा मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन, तिथि और परंपरा को लेकर अलग-अलग निर्णय
नवगछिया। अनुमंडल क्षेत्र में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर अलग-अलग पूजा समितियों ने अलग-अलग तिथियां निर्धारित की हैं। मिली जानकारी के अनुसार, नवगछिया बाजार सहित आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन 20 और 21 अक्टूबर को किया जाएगा। कुछ पूजा समितियां तिथि के आधार पर विसर्जन की तैयारी कर रही हैं, जबकि कुछ समितियां वर्षों से चली आ रही परंपरा और दशमी के दिन सूर्यास्त के समय को ध्यान में रखकर विसर्जन करेंगी।
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जानकारी के अनुसार, नवगछिया बाजार स्थित मां दुर्गा की प्रतिमा और साहू परवत्ता स्थित मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन 20 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। इस दौरान प्रतिमाएं नगर भ्रमण करते हुए विसर्जन के लिए प्रस्थान करेंगी। नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा को विदाई देंगे। इसके साथ ही पूजा पंडालों में आयोजित दुर्गा पूजा उत्सव का समापन आज हवन के साथ शुरू हो गया।
वहीं, नवगछिया स्टेशन रोड, तेतरी, भमरपुर, सैदपुर, रंगरा और नगरह में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन 21 अक्टूबर 2026 को संध्या बेला में किए जाने की जानकारी मिली है। इन क्षेत्रों की पूजा समितियां हवन के बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विसर्जन की तैयारियों में जुटी हैं।

तिथि और पुरानी परंपरा के आधार पर हो रहा विसर्जन
इस वर्ष प्रतिमा विसर्जन की तिथियों को लेकर अलग-अलग मान्यताएं सामने आ रही हैं। कुछ पूजा समितियां पंचांग में निर्धारित तिथि के अनुसार विसर्जन करने की तैयारी में हैं। वहीं, कुछ समितियां पुरानी परंपरा का पालन करते हुए तिथि के सूर्योदय और सूर्यास्त के समय को ध्यान में रखकर विसर्जन का कार्यक्रम तय कर रही हैं।
स्थानीय स्तर पर प्रचलित मान्यताओं और वर्षों से चली आ रही परंपराओं के कारण अलग-अलग पूजा समितियों ने विसर्जन के लिए अलग-अलग दिन चुने हैं। इसी वजह से नवगछिया अनुमंडल में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन दो दिनों तक चलेगा।
मां दुर्गा को दी जाएगी भावपूर्ण विदाई
विसर्जन के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा को भावपूर्ण विदाई देंगे। नगर भ्रमण के दौरान भक्त मां के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करेंगे। ढोल-नगाड़ों, जयकारों और भक्तिमय माहौल के बीच प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाया जाएगा।
नवरात्र और दुर्गा पूजा के दौरान कई दिनों तक भक्तिमय माहौल में डूबे रहने वाले नवगछिया और आसपास के क्षेत्रों में विसर्जन के साथ ही दुर्गा पूजा उत्सव का समापन होगा।
