नवगछिया। व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ट्रेडिंग में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने भवानीपुर थाना क्षेत्र के बीरबन्ना निवासी चंदन कुमार सिंह से 27 लाख 9 हजार 600 रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित से 14 बार में अलग-अलग रकम ट्रांसफर कराई गई। निवेश की राशि वापस मांगने पर ठगों ने ब्रोकरेज फीस के नाम पर अतिरिक्त रुपये की मांग की। इसके बाद पीड़ित ने नवगछिया साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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14 बार में ट्रांसफर कराए 27 लाख रुपये
मिली जानकारी के अनुसार, चंदन कुमार सिंह को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ट्रेडिंग में निवेश करने का प्रलोभन दिया गया था। निवेश के जरिए बेहतर मुनाफा मिलने की उम्मीद में उन्होंने अलग-अलग 14 बार में कुल 27 लाख 9 हजार 600 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इतनी बड़ी राशि निवेश करने के बाद जब उन्होंने अपना पैसा वापस मांगना शुरू किया, तो उन्हें राशि लौटाने के बजाय ब्रोकरेज फीस के नाम पर अतिरिक्त भुगतान करने को कहा गया।
अतिरिक्त रुपये की मांग से संदेह होने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।

साइबर थाने में प्राथमिकी, पुलिस ने शुरू की जांच
पीड़ित की शिकायत पर नवगछिया साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पीड़ित ने साइबर अपराध की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी दर्ज कराई है।
पुलिस अब ठगी से जुड़े लेनदेन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस साइबर ठगी में कितने लोग शामिल हैं और ठगी की रकम किन खातों में भेजी गई है।
ट्रेडिंग के नाम पर निवेश करने से पहले रहें सावधान
साइबर अपराधी अक्सर व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से शेयर बाजार या ऑनलाइन ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच देते हैं। शुरुआत में आकर्षक लाभ दिखाकर लोगों का भरोसा जीतने के बाद उनसे बड़ी रकम निवेश कराई जा सकती है। कई मामलों में पैसे निकालने के समय टैक्स, ब्रोकरेज फीस या अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त भुगतान मांगा जाता है।
ऐसे किसी भी संदिग्ध निवेश प्रस्ताव की स्वतंत्र रूप से जांच करें। किसी अनजान व्यक्ति या समूह के कहने पर बड़ी रकम ट्रांसफर न करें। यदि साइबर ठगी हो जाए, तो तत्काल 1930 पर शिकायत करें और आधिकारिक पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ पर भी रिपोर्ट दर्ज कराएं। जल्द शिकायत करने से संबंधित बैंक खातों में उपलब्ध राशि को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
