नारायणपुर रेलवे स्टेशन परिसर में पारंपरिक कुश्ती प्रतियोगिता, पहलवानों ने दिखाए दमखम और दांव-पेच
नवगछिया। भागलपुर जिले के नारायणपुर रेलवे स्टेशन परिसर में मंगलवार की संध्या पारंपरिक कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में पहलवानों ने अपनी शारीरिक ताकत, फुर्ती और कुश्ती के पारंपरिक दांव-पेच का शानदार प्रदर्शन किया। मिट्टी के अखाड़े में पहलवानों के बीच हुए जोरदार मुकाबलों को देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे।
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कुश्ती प्रतियोगिता को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और बच्चे पहुंचे। अखाड़े में पहलवानों के उतरते ही दर्शकों का उत्साह बढ़ गया। मुकाबले के दौरान पहलवान एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए तरह-तरह के दांव आजमाते नजर आए। दर्शकों ने तालियां बजाकर पहलवानों का हौसला बढ़ाया और प्रतियोगिता का भरपूर आनंद लिया।
ग्रामीण संस्कृति में आज भी लोकप्रिय है कुश्ती
कुश्ती भारत की प्राचीन खेल परंपराओं में से एक है। ग्रामीण क्षेत्रों में मेलों, त्योहारों और विभिन्न सामाजिक आयोजनों के अवसर पर कुश्ती प्रतियोगिताएं आयोजित करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। ऐसे आयोजन स्थानीय पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही युवाओं को शारीरिक व्यायाम, अनुशासन और खेलकूद के प्रति प्रेरित भी करते हैं।

पारंपरिक खेलों से मजबूत होता है आपसी भाईचारा
नारायणपुर रेलवे स्टेशन परिसर में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में जुटी भीड़ ने यह साबित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक खेलों के प्रति आज भी लोगों का खास लगाव है। इस तरह के आयोजन न केवल पुरानी खेल परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि ग्रामीण संस्कृति, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को भी बढ़ावा देते हैं।
स्थानीय स्तर पर कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों का आयोजन होते रहना जरूरी है, ताकि नई पीढ़ी भी अपनी सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन खेल परंपराओं से जुड़ी रहे।
