नवगछिया से काजीकोरैया-खैरपुर तक मां दुर्गा की विदाई, नम आंखों से प्रतिमा और कलश का विसर्जन
नवगछिया। दुर्गा पूजा के दसवें दिन मंगलवार की शाम नवगछिया शहर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया। नौ दिनों तक पूजा-अर्चना और उत्सव के बाद श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी। वहीं, काजीकोरैया और खैरपुर गांव में भी भक्तिभाव के साथ मां दुर्गा के कलश का विसर्जन किया गया। तीनों स्थानों पर धार्मिक आस्था और परंपरा का माहौल देखने को मिला।
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नवगछिया शहर में विभिन्न पूजा समितियों की ओर से गाजे-बाजे और जयकारों के साथ विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। शहर की गलियों से जब मां दुर्गा की प्रतिमाएं गुजरीं, तो वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। प्रतिमाओं को शहर के अलग-अलग तालाबों और पोखरों में धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विसर्जित किया गया। शाम से शुरू हुआ विसर्जन का सिलसिला रात करीब 10 बजे तक चलता रहा।
महिलाओं ने खोइछा देकर गाए विदाई गीत
मां दुर्गा की विदाई से पहले नवगछिया के पूजा पंडालों में भावुक दृश्य देखने को मिले। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार मां को खोइछा अर्पित किया और विदाई गीत गाकर अगले वर्ष फिर आने का निमंत्रण दिया। इस दौरान कई श्रद्धालु भावुक नजर आए।

लोगो के चेहरों पर भी उत्सव के समापन की मायूसी दिखाई दी। कई दिनों की तैयारियों, पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों के बाद मां की विदाई का पल श्रद्धालुओं के लिए भावनात्मक रहा। गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्राओं में भक्त मां दुर्गा के जयकारे लगाते हुए विसर्जन स्थलों तक पहुंचे।
काजीकोरैया और खैरपुर में कलश विसर्जन
नवगछिया के साथ काजीकोरैया और खैरपुर गांव में भी मां दुर्गा के कलश विसर्जन का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए कलश को विदाई दी। इस दौरान भक्तों ने मां दुर्गा के जयकारे लगाए और अपने परिवार तथा समाज की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
दोनों गांवों में कलश विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। धार्मिक अनुष्ठानों के समापन पर लोगों ने मां दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की कामना की। इन आयोजनों में ग्रामीण संस्कृति, पारंपरिक मान्यताओं और लोगों की आस्था की झलक देखने को मिली।
विसर्जन के लिए पहले ने की थी तैयारी
नवगछिया शहर में प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर तालाबों और पोखरों पर पहले से तैयारी की गई थी। रविवार की रात से ही विसर्जन स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं, ताकि प्रतिमाओं का विसर्जन सुचारु रूप से संपन्न कराया जा सके। काजीकोरैया और खैरपुर में भी विसर्जन के दौरान सुरक्षा और साफ-सफाई का ध्यान रखा गया।
दुर्गा पूजा के समापन के साथ ही नवगछिया, काजीकोरैया और खैरपुर में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को भावपूर्ण विदाई दी। भक्तों ने अगले वर्ष फिर मां के आगमन की कामना की। प्रतिमा और कलश विसर्जन के इन आयोजनों ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया।
