बेगूसराय निवासी प्रकाश कोली बीपीसीएल में करीब 25 वर्ष से ठेकेदारी कर रहे थे. उनका पैतृक गांव पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के घोघट थाना क्षेत्र के रुघुवाही गांव है. पिछले वर्ष 21 मई को वह बीपीसीएल के अधिकारी संजय कुमार के साथ कार्यालय संबंधी काम से कुर्सेला आये थे. कुर्सेला में काम समाप्त होने के वाद प्रकाश कोली संजय कुमार के साथ तेतरी जीरो माइल तक आये. यहां से संजय कुमार भागलपुर चले गये. इसके बाद जीरोमाइल पर प्रकाश कोली बस का इंतजार करने लगे. इसी बीच पहले से जीरो माइल में खड़ी सफेद रंग की टाटा सफारी गाड़ी जो मधेपुरा के चौसा थाना के फुलौत निवासी लालू यादव की थी. उसी वाहन पर सभी अपराधी पहले से ही सवार थे. प्रकाश कोली को बेगूसराय जाने का झांसा देकर अपराधियों ने उन्हें टाटा सफारी पर बैठा लिया. गाड़ी जब बिहपुर पहुंची, तो अपराधियों ने उन्हें कब्जे में कर लिया. अपराधियों ने उनसे मोबाइल, एटीएम कार्ड व अन्य सामान छीन लिये. फिर उसे एटीएम से क्रमश : निकासी अपराधियों द्वारा किया जाने लगा. इसी दौड़ान अपराधियों को पता चला कि प्रकाश के खाते में लाखों रकम है. खाते से पैसे निकासी करने के लोभ में अपराधियों ने प्रकाश कोली को नवगछिया स्थित बाबा विशु राउत सेतु के समीप लाकर उनका हाथ पैर बांध दिया और गला दबा कर हत्या कर दी. इसके बाद सेतु से ही शव को कोसी नदी में बहा दिया. चौबीस मई को मामला उगागर हुआ और सभी अपराधी पकड़े गये.

