नवगछिया अंचल से हजारों रिकॉर्ड गायब हैं। इसका खुलासा गुरुवार को राजस्व परिषद की बैठक में हुआ। परिषद के अध्यक्ष सह सदस्य सुनील कुमार सिंह ने डीएम को जांच कर तत्कालीन सीओ के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।

गुरुवार को आयुक्त कार्यालय के सभागार में राजस्व परिषद की बैठक में राजस्व कोर्ट की सुनवाई की समीक्षा हुई। समीक्षा में नवगछिया डीसीएलआर द्वारा बताया गया कि निचली अदालत से रिकॉर्ड नहीं आने के चलते सुनवाई बाधित हो रही है। नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में भी बाढ़ से अभिलेखों के क्षतिग्रस्त होने से नष्ट होने की बात कही गयी।

राजस्व परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि यह गंभीर मामला है। भागलपुर और बांका के डीएम को सभी अंचलों की जांच कर प्राथमिकी दर्ज कराने और अंचल के रिकॉर्ड का डाटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

राजस्व कोर्ट की प्रक्रिया जनवरी से ऑनलाइन

परिषद अध्यक्ष ने बताया कि राजस्व कोर्ट की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। मंत्रिमंडल से इसकी सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। सभी डीएम से एक सप्ताह में सहमति मांगी गयी है। एजेंसी के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। सभी जिलों में कर्मचारी और संसाधन बढ़ाये जायेंगे। खर्च का आकलन करने के बाद प्रस्ताव मंत्रिमंडल में जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होगी। दिसंबर तक तैयारी पूरी कर ली जाएगी।

जनवरी से ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ऑनलाइन होने से आमलोगों को कोर्ट की प्रक्रिया की जानकारी मिल जाएगी। अध्यक्ष ने कहा कि राजस्व कोर्ट में सुनवाई की गति धीमी है। नीलाम पत्र की सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी। बैठक में राजस्व परिषद के सदस्य केके पाठक के अलावा आयुक्त राजेश कुमार, डीएम प्रणव कुमार व बांका डीएम कुंदन कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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By Rishav Mishra Krishna

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