जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में तैनात आर्मी के ग्रेनेडियर रेजिमेंट के जवान दक्षिणी माड़र निवासी मो. जावेद का पार्थिव शरीर प्रक्रिया में देरी की वजह से मंगलवार को गांव नहीं लाया जा सका। बुधवार को हेलीकॉप्टर से गांव लाए जाने की सूचना है। उधर, मंगलवार को डीएम अनिरुद्ध कुमार, डीडीसी रामनिरंजन सिंह, एसडीओ धर्मेंद्र कुमार, एसडीपीओ आलोक रंजन वर्मा आदि शामिल थे।
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अधिकारियों ने शहीद की पत्नी फरजाना अंजुम, मां अमीना खातून, पिता मो. बखरुद्दीन और अन्य परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। डीएम ने कहा कि शहीद मो. जावेद की शहादत पर जितना दुख है उतना गर्व भी है।

उन्होंने शहीद के 3 वर्षीय मासूम पुत्र मो. नावेद उर्फ अमन को गोद में उठाया तो माहौल भावुक हो उठा। वहीं डीएम को देखते ही मासूम अमन ने पहले उन्हें सैल्यूट किया, फिर उनके कान में कहा कि मैं अपने पिता की शहादत का बदला लूंगा। मासूम का जज्बा देख डीएम भावुक होकर फफक पड़े।

