बिहपुर | प्रखंड के कोसी पार गांवों में कटाव का कहर जारी है। बुधवार को कहारपुर में दो घर कोसी समा गया थाा, तो गुरुवार को गोविंदपुर गांव के दो घर कोसी में समा गए। कटाव देख ग्रामीण डरे सहमे हैं। ग्रामीण अपने घर से समान निकाल कर ऊंचे स्थान पर जाने में लगे है। डरे ग्रामीण प्रशासन से सुरक्षित स्थान ले जाकर बसाने की मांग कर रहे हैं। देर रात मंगरु ऋषिदेव, सियाराम ऋषिदेव का घर कटाव की भेट चढ़ गई। विजय ऋषिदेव, गुरुदेव ऋषिदेव, मंगरू ऋषिदेव , नंदलाल ऋषिदेव , वीरेंद्र ऋषिदेव, वकिल ऋषिदेव समेत 20 ग्रामीणों का घर कटाव के मुहाने पर हैं, जो कभी भी कोसी में समा सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि वे लोग भगवान भरोसे हैं।
ग्रामीण बोले-तबियत खराब होने पर सुबह होने का करना पड़ता है इंतजार, नहीं मिली सरकारी नाव
ग्रामीणों ने कहा कि जो भी पदाधिकारी आते हैं, वह बांध से गांव देख वापस चले जाते हैं। पूरा गांव टापू में तब्दील हो गया है। गांव से आनेजाने का एक मात्र सहारा अब नाव ही बचा है। अभी तक सरकारी नाव भी प्रशासन ने नहीं उपलब्ध कराया है। बाढ़ के समय में रात में यदि किसी की तबियत खराब हो जाए, तो वह दिन होने का इंतजार करना पड़ता हैै। दिन में भी हर समय आदमी प्रखंड, बजार व अस्पताल नहीं जा पाएंगे, जब तक नाव नहीं मिलेगी। प्राइवेट नाव भरने के बाद ही चलती है। तब तक लोगों को इंतजार करना पड़ता है।

लोकमानपुर के बालू टोला के 10 घरों में घुसा कोसी का पानी : खरीक| कोसी नदी में जलस्तर में वृद्धि के साथ तटवर्ती इलाके में स्थित सिंहकुंड, लोकमानपुर के बालू टोला, रतनपुरा, मैरचा समेत अन्य जगहों पर कटाव का कहर जारी है। गुरुवार की देर शाम बालू टोला में रूदल सिंह, प्रमोद दास, नरेश दास, गंगा सिंह, पवन मंडल समेत दस घरों में नदी का पानी प्रवेश कर गया। पुरा गांव टापू में तब्दील हो चुका है। गांव आने-जाने का संपर्क भंग हो गया है।
बचाव कार्य शुरू नहीं होने से लोगों में प्रशासन के खिलाफ गुस्सा है। जो किसी भी समय आंदोलन के रूप में फूट सकता है। डीएम प्रणव कुमार के निर्देश पर गुरुवार को सीआई ब्रजेश परैया टीम के साथ सिंहकुंड गांव पहुंचे। सीआई ने बताया कि प्रभावित होने वाले 25 लोगों का संभावित सूची तैयार की जा रही है। ताकि ससमय राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।


