नरकटिया बांध से लौट कर प्रवीण कुमार भगत… मैं कल रात के घटनाक्रम से आप सबों को अवगत कराना चाहूँगा।
कल रात बाँध पर उपस्थित लगभग सभी आदमी कटाव के उस मंजर को देखकर भयभीत हो गए तथा अपनी हिम्मत हार गए लेकिन एक इंसान अटल बिहारी वाजपेयी जी की इस बात को सिद्ध करने में लगा था कि छोटे मन से कोई बड़ा नही होता टूटे मन से कोई खरा नहीं होता वो शख्स कोई और नही बल्कि हमारे बड़े भाई माननीय ई कुमार शैलेंद्र थे.

उस भयानक स्तिथि में कल रात लगभग 12:00 बजे बड़े भाई ने मुख्यमंत्री बिहार, प्रधान सेक्रेटरी बिहार सरकार और भागलपुर जिलाधिकारी को ईमेल के माध्यम से पूरी स्थिति की जानकारी दी रात्रि ठीक 1:30 बजे प्रधान सेक्रेटरी ने संज्ञान लिया और सुबह के 8:00 बजे सेक्रेटरी साहब ने ई कुमार शैलेंद्र जी से सीधा संवाद किया जिसके परिणाम स्वरूप तत्काल प्रभाव से बोल्डर गिरने लगा.

नरकटिया बांध का सीधा मॉनेटरिंग सचिवालय से हो रहा है और यहाँ कैम्प कर रहे हैं फ्लड विभाग बिहार सरकार के ई. इन चीफ, चीफ ई., एक्सक्यूटिव ई.के साथ उनकी पूरी टीम युद्ध स्तर पर बांध का काम कर रही है. कर्मयोगी पूर्व विधायक का कैसे धन्यवाद करू शब्द कम पर रहा है. हम यह कह सकते है कि ई.शैलेन्द्र है तो मुमकिन है. बहुत बहुत धन्यवाद बड़े भाई ई कुमार शैलेंद्र!
नोट – लेखक प्रवीण कुमार भगत भाजपा के वरिष्ठ नेता और समाजसेवी हैं।

