नवगछिया: हजार पांच सौ की नोट बंद हो जाने के बाद नवगछिया बाजार की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, बाजार में कच्चे सामान का भाव लगातार गिरने के बाद भी गिने चुने ही ग्राहक खरीददारी के लिए आ रहे है, नवगछिया बाजार के आलू, प्याज के थोक विक्रेता गणेश साह का कहना है कि नोटबंदी के बाद आलू की कीमत में लगातार गिरावट आने के बाद भी गिने चुने लोग ही खरीददारी करने आ रहे है, जबकि कुछ दिन पहले जो आलू 600 रूपये पैकेट बिक रही थी वही आलू 400 रुपये पैकेट हो गयी है फिर भी ग्राहकों में भारी कमी आयी है, बाजार में खुदरा बेचने वाले जो दुकानदार रोज पंद्रह से बीस बोरा आलू लेता था अब वह दुकानदार पांच बोरा आलू खरीद कर रहा है, वहीं बाहरी पार्टी भी माल देने में आना कानी कर रहे है क्योंकि जो भी पार्टी द्वारा माल भेजा जाता है उनलोगों को पैसा भेजने में भारी परेसानी का सामना करना पर रहा है, पैसे की पहुँच सही समय से नहीं होने की वजह से बाहर की पार्टी माल नहीं खरीद पाते है क्योंकि माल खरीदने के तुरंत बाद किसानों को पैसा देना पड़ता है, साथ ही नवगछिया बाजार के कच्चे माल विक्रेताओं का भी कहना है कि नोटबंदी से बाजार में ग्राहकों में भारी गिरावट आयी है, बैंक द्वारा ट्रांजक्शन करने में बहुत ज्यादा ही परेसानी का सामना करना पर रहा है, बैंक जाने के लिए एक स्टाफ को दिन भर बैंक में ही बिताना पर रहा है साथ ही बैंक वालों का कहना है कि जिसके नाम से खता है उन्ही को बैंक आकर पैसा जमा करना होगा, ऐसे में हमलोग दुकानदारी करें या दी भर बैंक के अंदर ही समय गुजारे, इन तमाम तरह की परेशानियों के साथ बाजार के कच्चे सामान विक्रेता को जूझना पर रहा है, क्योंकि समय पर इनलोगों का सामान नहीं बिकने पर सामान सरने गलने लगता है,.

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By Rishav Mishra Krishna

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