नारायणपुर – राजीव कुमार रंजन, प्रखंड के भ्रमरपुर में मॉ दुर्गा के मंन्दिर का निर्माण भ्रतखंड व बीरबन्ना ड्योढ़ी के राजा बाबु बैरम सिंह ने वर्ष 1684 ई. में कराया था.वर्ष 1765 ई.में बैरम सिंह के मित्र भ्रमरपुर निवासी जागिरदार मनोरंजन झा ने ग्रामीण और बीरबन्ना ड्योढ़ी के सहमति से काली मंन्दिर के पास से स्थान का परिवर्तन किया. वर्ष 1973 ई.में ग्रामीणों के सहयोग से भव्य मंन्दिर का निर्माण कराया गया. यहां मंन्दिर के अंदर एक गर्भ गृह है जहॉ कलश स्थापित किया जाता है.
Total Downloads: 105
यहां बंग्ला व तांत्रिक पद्धति से सैकड़ौ वर्षो से पुजा होती आ रही है.परंपरा के अनुसार निशा बली के रुप में पहली बलि बीरबन्ना स्टेट के परिवार की और से दी जाती है. मेला समिति के अध्यक्ष नित्यानंद झा, मुखिया प्रतिनिधि मुन्ना मिश्र, सचिव दिनेश चन्द्र झा उर्फ रमण बाबा, छोटु गौस्वामी, सौरभ कुमार उर्फ झुन्ना ने बताया कि यहॉ हर वर्ष पाठा के साथ साथ भैंसे की भी बलि दी जाती है. माँ के दरबार में कटिहार, पुर्णिया, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, बेगूसराय, खगड़ियॉ, बॉका, मुंगेर नवगछिया के अलावा अन्य जगहों से भी बड़ी संख्या में मॉ के दरबार में पुजा अर्चना के साथ साथ खोईछा व बलि देने आते हैं.


आचार्य अभिमन्यु गौस्वामी ने बताया कि मैया के दरबार में जो भी भक्त सच्चे मन से आते हैं उसकी मनोकामना अवश्य पुरी होती है. यहां पहली पुजा से ही संध्या आरती में लगभग 25 गांवों के श्रद्धालु भाग लेते हैं जो अपने आप में मनोरम द्रश्य है. प्रतिमा का विसर्जन मंन्दिर परिसर में बने पोखर में किया जाता है. मंन्दिर परिसर में भव्य मेला लगता है. जहॉ विभिन्न प्रकार की आकर्षक दुकानें सजी रहती है.
आकाशवाणी के भजन गायक डा हिमांशु मोहन मिश्र उर्फ दीपक एवं मनोहर झा ने बताया कि दुर्गा पुजा के अवसर पर मीना बाजार व कई प्रकार के झुले के साथ ग्रामीण युवाओं द्वारा नाट्य मंचन व जागरण का आयोजन किया जाएगा. भ्रमरपुर नवयुवक संघ शांति व्यवस्था में अहम योगदान देते हैं. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बिहपुर व भवानीपुर पुलिस सक्रिय रहती है.

