नवगछिया : बुधवार को नवगछिया और आस पास के इलाके के लोगों को भयानक जाम का सामना करना पड़ा. विक्रमशिला सेतु से लेकर नवगछिया मकंदपुर चौक तक सुबह से ही ट्रकों की लंबी कतार लगी हुई थी. नवगछिया से भागलपुर आना जाना मुश्किल था. यहां तक कि नवगछिया मकंदपुर चौक से नवगछिया स्टैंड आने में भी लोग शाखा सड़कों का प्रयोग कर रहे थे. जाम का कारण ट्रक चालकों का हड़ताल बताया जा रहा है. जानकारी मिली है कि विक्रमशिला सेतु पथ से नवगछिया तक एक कतार में ट्रकों का खड़ा कर दिया गया था. जिसके कारण रास्ता वन वे हो गया था.
इस बीच चालकों द्वारा ओवरटेक करने विभिन्न जगहों पर दिन भर जाम की स्थिति बनती रही. सुबह जाम की स्थिति काफी दयनीय थी तो दोपहर तक लोगों को कुछ राहत मिली थी लेकिन दोपहर बाद से सेतु से लेकर नवगछिया तक भयानक जाम लग गया था. जाम के दौरान नवगछिया से भागलपुर आने जाने में दो से तीन घंटे का समय लग रहा था. निजी वाहन से यात्रा करने वाले सैकड़ों वाहन घंटों जाम में फंसे रहे थे. नवगछिया से भागलपुर ओटो से जाने वाले लोग किसी तरह से जाह्नवी चौक पहुंच जाते थे लेकिन पुल पार करने का पैदल ही एक मात्र विकल्प था.


मालूम हो कि हर वर्ष दीपावली से लेकर छठ पर्व तक विक्रमशिला सेतु व पथ पर जाम लगना अब नियति बन चुकी है. नवगछिया आजाद हिंद मोरचा के अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने कहा कि जाम पर यहां के जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को एक रणनीति बना कर काम करना होगा. लेकिन जाम को समाप्त करने की इच्छा शक्ति नहीं दिख रही है. अगर जाम पर जल्द से जल्द कोई ठोस रणनीति नहीं बनायी गयी तो वे अपने संगठन के माध्यम से आंदोलन करने को बाध्य हो जायेंगे.

कहते हैं थानाध्यक्ष
परवत्ता थाने के थानाध्यक्ष मारकंडेय सिंह ने कहा कि जाम लगने का कारण ट्रक चालकों का हड़ताल है. लेकिन शाम तक सड़क पर यातायात मिला जुला कर ठीक ठाक है. जहां पर जाम लग रहा है पुलिस उसे हटाने का प्रयास कर रही है.

जाम में फंसी प्रसूता, सड़क पर ही हो गया प्रसव
नवगछिया : विगत दस वर्षों में नवगछिया के जाम एक ज्वलंत मुद्दा हो गया है. लेकिन इस समस्या के तरफ किसी प्रकार का ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है. गुरूवार को भी जाम का खामियाजा एक प्रसूता को भुगतना पड़ा. महज दो किलोमीटर का सफर तय करने में एक चार चक्का वाहन को दो घंटे से भी अधिक का समय लग गया और सड़क पर ही प्रसव हो गया. गनिमत है कि जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित है. नयाटोला निवासी चंद्रशेखर मंडल की पत्नी पूजा देवी ओमनी वाहन से अनुमंडल अस्पताल के लिए तीन बजे घर से एक चार चक्का वाहन से निकले थे.

चूकि बाजार होते हुए अनुमंडल अस्पताल जाने के रास्ते में दोपहर बाद अक्सर जाम लग ही जाता है तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय राजमार्ग होते हुए रास्ता काफी नजदीक पड़ता है, नया टोला से नवगछिया अनुमंडल अस्पताल की दूरी मुश्किल से दो किलोमीटर की होगी. लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचते ही चार चक्का वाहन जाम में बुरी तरह से फंस गया. इसके बाद उक्त वाहन न तो पीछे आने की स्थिति में रहा और न ही आगे जाने की स्थिति में. बड़ी मुश्किल से लगभग दो घंटे में उक्त वाहन अनुमंडल अस्पताल पहुंचा तो पता चला कि प्रवस हो चुका है. इसके बाद नवजात पुत्री को उसके परिजनों ने चिकित्सकों ने जांच करवाया. जब चिकित्सकों ने जच्चा बच्चा दोनों के पूर्णत: स्वस्थ होने की पुष्टि की तो परिजनों के जान में जान आयी.

