जाह्नवी चौक से इस्माइलपुर तक बांध के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जमीन को लीज पर लेने के लिए रैयतों की सूची जारी कर दी गई है। अब रैयतों को 15 दिनों के अंदर भू-अर्जन विभाग को बताना होगा कि जमीन उनके नाम पर है। कागजातों की जांच के बाद भू-अर्जन विभाग जमीन की वर्तमान कीमत के आधार पर रैयतों को भुगतान करेगा। चार मौजा में जमीन का अधिग्रहण होना है। जाह्नवी चौक से इस्माइलपुर के बीच 10 किलोमीटर लंबे बांध के निर्माण में तीन सौ से अधिक रैयतों की 99.87 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है।
इस्माइलपुर में 46.25 एकड़, परबत्ता में 48.89 एकड़, बसगड़ा में 1.40 एकड़, महादेवपुर में 3.53 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होना है। भू-धारियों को अखबार के माध्यम से सूचना दे दी गई। वैसे भू-धारियों का नाम प्रकाशित किया गया है, जिनके नाम से खतियान है। ऐसे भू-धारियों को अपनी जमीन का कागजात दिखाना होगा। इसके बाद मुआवजा देने की प्रकिया शुरू होगी। इस बांध के बन जाने से पूरा इस्माइलपुर प्रखंड सुरक्षित हो जाएगा। बांध के निर्माण के लिए किसानों ने एक स्वर में अपनी सहमति दे दी है। बांध का निर्माण जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता को कराना है। उम्मीद की जा रही है कि अगले वर्ष बांध निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।

लीज पर ली जाएगी जमीन
जाह्नवी चौक से इस्माइलपुर के बीच बनने वाले बांध के निर्माण में किसानों की जमीन का अधिग्रहण सतत लीज नीति के तहत होना है। इसको लेकर जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता को कागजी प्रक्रिया पूरी कर किसानों को नोटिस देकर शिविर लगाकर अधिग्रहण कर मुआवजे की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।


