इस्माइलपुर से जाह्नवी चौक तक रिंग बांध के निर्माण और किसानों की जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर जल संसाधन विभाग कार्यालय के समक्ष अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे जिप सदस्य विपिन मंडल ने विभाग के मुख्य अभियंता शशि शेखर पांडे के लिखित आश्वासन के बाद छठे दिन धरना समाप्त कर दिया। मुख्य अभियंता ने जिला पार्षद को शर्बत पिलाकर धरना समाप्त करवाया। उन्होंने कहा कि जीमन अधिग्रहण में जो भी पेच है उसे 17 जून से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बांध निर्माण कार्य बाढ़ के बाद ही शुरू करना संभव हो पाएगा।
इससे पूर्व कार्यपालक अभियंता के साथ पहले चरण की वार्ता विफल हो गई तो आक्रोशित ग्रामीणों ने विभाग कार्यालय का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया। सूचना पर विभाग के मुख्य अभियंता देर शाम धरनास्थल पर पहुंचे फिर दोनों पक्षों की वार्ता शुरू हुई। लिखित आश्वासन देने के बाद जिला पार्षद ने धरना समाप्त किया। जिला पार्षद ने बताया कि उनकी मांग थी कि बांध निर्माण में जमीन देने वाले किसानों की समस्याओं का ऑन स्पॉट कैंप लगाकर निराकरण हो, प्रत्येक 100 मीटर पर बांध का सीमांकन हो, ताकि बांध में जमीन देने वाले किसानों को यह पता चल सके कि उसकी कितनी जमीन बांध में जाएगी। इस पर उन्हें लिखित आश्वासन दिया गया है।

ग्रामीणों ने कहा- बांध बनने से बाढ़ से मिलेगी राहत
6 दिनों से धरने पर बैठे विपिन मंडल की सोमवार को भी जब किसी ने सुध नहीं ली तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों का कहना था कि वर्ष में 3 माह इलाका जलमग्न रहता है। बांध निर्माण के बाद लोगों को बाढ़ से मुक्ति मिलेगी। लेकिन विभाग की उदासीनता से अब तक बांध निर्माण पूरा नहीं हुआ है। मौके पर इस्माइलपुर प्रमुख प्रतिनिधि श्रीकांत यादव, दीपक मंडल, बीरबल दास, पुतुल देवी, ललिता देवी, अवधेश शर्मा आदि मौजूद थे।


