नवगछिया : धर्मसंघ पीठपरिषद की ओर से शक्तिपीठ तेतरी दुर्गा स्थान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के पांचवें दिन भागवत वक्ता आचार्य भारत भूषण जी महाराज ने कहा कि पृथ्वी ही गौ रूप में हमारा पालन करती हैं। परात्पर परब्रह्म परमात्मा ने श्रीकृष्ण के रूप में मथुरा में अवतार लिया किंतु रातों रात गोकुल में आ गए।
गोवंश की रक्षा के साथ भगवान श्रीकृष्ण ने गोवंश की सेवा की। गोवंश का रक्त गिरना कलंक है। जहां गोवंश का रक्त गिरता है वहां कोई धर्म और अनुष्ठान फलित नहीं हो पाता है। उन्होंने कहा कि सत्ता के मद में देवराज इंद्र ने भगवान श्रीकृष्ण की उपेक्षा शुरू की तथा ब्रजमंडल में प्रलयंकर वर्षा कराकर भारी भय उपस्थापित कर दिया। भगवान श्रीकृष्ण ने पूरे सात दिनों तक एक ही हाथ से गोवर्धन पर्वत धारण कर समस्त गोवंश, गोपालों और गोकुलमंडल की रक्षा की।
स्वर्ग की गाय के नेतृत्व में देवराज इंद्र और सभी देवताओं ने भगवान श्रीकृष्ण का गोविंद पद पर अभिषेक किया। आचार्य ने पूतना मोक्ष, तृणावर्त, शकटासुर आदि राक्षसों के उद्धार, नामकरण, यमलार्जुन उद्धार, वत्सासुर, बकासुर,अघासुर उद्धार,मां को विराट रूप का दर्शन सहित वृंदावन में गोचारण तथा वंशीवादन की व्याख्या की। इस अवसर पर यजमान मुकेश सिंह, पप्पू झा, संजय जायसवाल, वसिष्ठ झा, सुनील राय, टुनटुन मास्टर, अरुण राय सहित आयोजन समिति के अध्यक्ष रमाकांत राय, रामविलास सिंह, महंत जयप्रकाश झा सहित श्रद्धालुओं ने सर्वतोभद्र मंडल के आवाहित देवताओं का पूजन-अर्चन किया। समस्त कर्मकांड प्रयागराज से पधारे पंडित संजय द्विवेदी के नेतृत्व में स्थानीय विद्वानों ने संपन्न कराया। चित्रकूट से आए कलाकारों ने भजन संगीत प्रस्तुत किया।


