काशी हिंदू विश्वविद्यालय में 13 जनवरी के बाद आयुर्वेद विभाग में एक नया सर्टिफिकेट कोर्स भूत विज्ञान को लेकर शुरू होगा। विभागाध्यक्ष यामिनी भूषण ने बताया कि एकेडमिक काउंसिल ऑफ काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने इस कोर्स को अप्रूव किया है। यह कोर्स 6 महीने का होगा। इसके लिए 10 सीटें रखी गई हैं। इस कोर्स में दो पेपर होंगे। एक फंडामेंटल और दूसरा स्पेशलाइजेशनपर। इसमंे एनाटॉमी, साइकोलॉजी, फिजियोलॉजी, मेडिसिन पढ़ाया जाएगा। इसके लिए मेडीकल ग्रेजुएट ही अप्लाई कर पाएंगे। इसका उद्देश्य मानसिक बीमारी को भूत प्रेत का असर मानने के अंधविश्वास को दूर करना है।
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कुंडली से बताते हैं कि कौन सी बीमारी का खतरा
प्रदीप बौहरे|ग्वालियर। मध्यप्रदेश की जीवाजी यूनिवर्सिटी में एमए ज्योतिर्विज्ञान विषय पढ़ाया जा रहा है। दो साल की मास्टर डिग्री चार सेमेस्टर में पूरी होती है। यहां छात्रों को ज्योतिषीय गणना द्वारा गर्भ में पुत्र है या पुत्री इसकी पहचान करना सिखाया जाता है। इस कोर्स में कुंडली के आधार पर कौनसा रोग हो सकता है और वह कैसे ठीक होगा यह भी बताया जाता है। फीस 20 हजार रुपए है।

यहां सिखाते हैं भाषण देना, कैंपेनिंग करना
ननु जोगिंदर सिंह। पंजाब यूनिवर्सिटी ने लगभग 3 साल पहले एमए गवर्नमेंस एंड लीडरशिप प्रोग्राम शुरू किया था। इसमें 15 सीटे हैं, इस बार आठ एडमिशन हैं। इसी सब्जेक्ट पर एक 3 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स चलता रहता है जिसकी 15 सीटें हैं। पिछली बार 10 एडमिशन हुए थे।
मंत्रों से ठीक करना सिखाएंगे डायबिटीज
हर्ष खटाना|जयपुर। जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत यूनिवर्सिटी ने मंत्राें से चिकित्सा का काेर्स शुरू किया है। यूनिवर्सिटी की ही विंग राजस्थान मंत्र प्रतिष्ठान के बैनर तले इसमें एडमिशन शुरू हाेने जा रहे है। अाैर रिसर्च भी हाेगी। इस काेर्स में मधुमेह, ब्रेन, हार्ट सहित कई गंभीर बीमारियाें का मंत्र उच्चारण से इलाज करना सिखाया जाएगा।
गर्भ संस्कार का कोर्स, हिंदी में इंजीनियरिंग
गिरीश उपाध्याय। मध्यप्रदेश के अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय ने अक्टूबर 2014 में गर्भ संस्कार तपोवन केंद्र खोला था। दावा था कि गर्भवती महिलाओं को हिंदू संस्कारों और गर्भ संवाद के जरिए स्वस्थ और बुद्धिमान शिशु पैदा करने में सहायता मिलेगी।

