गोपालपुर – बाढ व कटाव से बचाव हेतु जव संसाधन विभाग द्वारा इस्माइलपुर -बिंद टोली के बीच पिछले एक दशक में करोडों रुपये प्रति स्पर की लागत से 14 स्पर विभिन्न चरणों में बनाये गये.परन्तु स्परों के निर्माण में भारी अनियमितता बरते जाने के कारण जल संसाधन विभाग द्वारा बनाये गये स्परों का ताश के पत्तों की तरह बिखरने का सिलसिला इसके निर्माण के बाद से ही प्रारंभ हो गया है.14 -15 अक्टूबर को स्पर संख्या छह ध्वस्त होकर गंगा नदी में समा तो स्पर संख्या पाँच एनटू 12नवम्बर को ध्वस्त हो गया .
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साथ ही स्पर संख्या पाँच एन व टू के बीच तथा पाँच एनटू व स्पर संख्या छह के बीच लगभग तीन सौ मीटर में भीषण कटाव होने के कारण गंगा नदी मुख्य तटबंध से महज कुछ ही दूर बचा है.कटाव की सूचना मिलते ही पटना हाईकोर्ट अधिवक्ता सहित बडी संख्या में सैदपुर के ग्रामीण कटाव स्थल पर पहुँचे तथा कटाव की सूचना जल संसाधन विभाग के वरीय अभियंताओं को दिया.वरीय अभियंताओं के निर्देश पर कनीय अभियंता ई अम्बिका साह कटाव स्थल पर पहुँचे और हो रहे कटाव का वीडीओ बना कर वरीय अभियंताओं को भेजा.

बताते चलें कि स्परों के निर्माण के समय स्परों पर रोलर व पानी का छिडकाव नहीं किये जाने के कारण सिर्फ मिट्टी का पहाड खडा हो जाता है .जो ताश के पत्ते की तरह बिखर जाता है.सैदपुर के बुजुर्गों के अनुसार गंगी नदी अपनी पुरानी धारा में बहने की ओर अग्रसर है.जिस कारण सैदपुर व आसपास के गाँव के लोगों की धडकनें संभावित कटाव के कारण तेज हो गई हैं.
पूर्व में कटाव के कारण एक दर्जन से अधिक गाँव के गंगा नदी में समा जाने के कारण विस्थापित परिवार यायावर की तरह रहने को विवश हैं.स्पर संख्या पाँच एनटू पर पिछले कई वर्षों से रखा विभागीय बोल्डर भी गंगा नदी में समाने को है. जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व में कटाव निरोधी कार्य का प्राक्कलन बना कर स्वीकृति हेतु भेजा गया है.अब नये सिरे से पुनः मुख्यालय को कटाव निरोधी कार्य का प्रस्ताव भेजा जायेगा.

