प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती। छोटे बच्चे भी ऐसे कारगुजारी कर गुजरते हैं, जिसे देखकर अड़े भी दांतों तले अंगुली दबा लेते हैं। नवगछिया के जमुनिया गांव की पल्लवी ने छोटी-सी उस में कचरों के ढेर में ही एक अवसर दुत निकाला। इसके उत्साहजनक परिणाम भी प्राप्त हुए। प्लास्टिक का कचरा, जो कई बीमारियों का कारण भी बनता है, उसका इस बच्ची ने ऐसे इस्तेमाल किया कि आज उसकी झोली बड़े सम्मानों से भर गई है। दसवीं की इस छात्रा ने प्लास्टिक के कचरे से सड़क बनाकर एक अनूठी मिसाल पेश कर दी। यह सुनने में भले ही थोड़ा अजीब से लेकिन वह कचरा अव अलकतरा की जगह सड़क बनाने के काम आ रहा। पल्लवी बताती हैं कि प्लास्टिक के कचरे से बनी सड़के न सिर्फ टिकाऊ होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार साबित होंगी। इस अनूठी तकनीक के लिए इसी साल जनवरी माह में छात्रा को कोलकाता में आयोजित पूर्वी भारत विज्ञान मेले में सम्मानित किया गया था।

उसे स्टेट बैस्ट मॉडल का पुरस्कार मिला था। विज्ञान मेले में अमेरिका के चर्चित वैज्ञानिक थॉमस जैन ने भी शिरकत की। थी। इससे पहले जिला और राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में भी पल्लवी कई सम्मान पा चुकी हैं। छोटे भाई को खेलते देख आया आइडिया जमुनिया निवासी संगीत शिक्षक अवध किशोर और नीतू देवी की बेटी पल्लवी के मुताबिक वो अक्सर देखती थी कि उसका छोटा भाई अंकित गिट्टी और प्लास्टिक से घर में खेलता रहता था। गिट्टी से प्लास्टिक हमेशा चिपक जाता था। यहीं से उसके दिमाग में यह आइडिया आया। इसके बाद स्कूल की साईस टीचर अर्पणा कुमारी की मदद से स्कूल के लैब में इस पर रिसर्च की और पहली प्लास्टिक सड़क अपने स्कूल परिसर में बनाई जो सफल रही।

वह तुलसीपुर जमुनिया उच्च विद्यालय की छात्रा है। इसबार मैट्रिक की परीक्षा में 70 फीसद अंक लाकर प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुई है। आगे उसका सपना डॉक्टर बनने का है। फिलवक्त व  अपने इस प्रोजेक्ट को देश स्तर पर प्रचारित करने में जुटी है। उसके पिता कटिहार जिले के बारसोई स्थित प्राथमिक विद्यालय में संगीत शिक्षक और मां गृहिणी हैं।

ऐसे बनेगी प्लास्टिक मिश्रित सड़क पल्लवी बताती हैं कि सबसे पहले प्लास्टिक के कचरे को मशीन से दो से चार मिमी के आकार में काटा जाएगा। इसके बाद तारकोल में उसे मिला दिया जाएगा गिट्टी को भी इसमें मिश्रित किया जाएगा। 160 डिग्री सेल्सियस तापमान पर गर्म तारकोल में प्लास्टिक गल कर गिट्टी पर एक  परत बना लेगी इसके बाद इसे सड़क पर दिया जाएगा।

ये प्लास्टिक उपयोग में आएगी | कैरी बैग, प्लास्टिक के कप और  गिलास, पान मसाले के रैपर,  बिस्किट, चॉकलेट के रैपर, दूर्य  और किराने के सामान की पकिग वाली प्लास्टिक प्लास्टिक मिश्रित  इन सड़कों पर दरार नहीं आएगी।  पानी जमा होने के बाद भी यह सड़क न टटेगी भार सहने की क्षमता बढ़ जाएगी मरम्मत की लागत कम होगी।

 

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By न्यूज़ डेस्क

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