नवगछिया। अनुमंडल के इस्माइलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक बार फिर त्रिस्तरीय जांच टीम ने पहुंचकर पूरे मामले की गहन जांच की। अस्पताल के पूर्व प्रभारी डॉ. राकेश रंजन कुमार पर लगे गंभीर आरोपों को देखते हुए यह कार्रवाई की जा रही है। बताया जाता है कि जिलापरिषद अध्यक्ष बिपिन मंडल के हस्तक्षेप के बाद सिविल सर्जन डॉ. अशोक प्रसाद ने दो अलग-अलग जांच टीमों का गठन किया था। इसी क्रम में मंगलवार को दूसरी टीम सीएचसी इस्माइलपुर पहुंची।
जांच के दौरान टीम ने सबसे पहले पूर्व प्रभारी डॉ. राकेश रंजन कुमार से पूछताछ की। इसके बाद आरोप लगाने वाले कर्मियों से घंटों सवाल-जवाब किया गया और अन्य कर्मचारियों के भी लिखित व मौखिक बयान दर्ज किए गए।टीम ने अस्पताल के कोल्ड चेन सिस्टम और स्टोर रजिस्टर की बारीकी से जांच की तथा रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान स्टोर में रखी पानी फिल्टर मशीन को जल्द चालू करने का निर्देश दिया गया, ताकि मरीजों को साफ पानी मिल सके।
जांच में स्टोर की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। वहां रखी पांच आलमारियां पुरानी और जंग लगी मिलीं, जिन पर किसी कंपनी का नाम तक अंकित नहीं था। इस पर जांच टीम ने नाराजगी जताई।

मौके पर इस्माइलपुर प्रभारी राजेश कुमार, बीएचएम चंदन कुमार, अकाउंटेंट सुजीत झा, बीसीएम राजकिशोर साह समेत अन्य कर्मी मौजूद थे। जांच टीम में डॉ. दीनानाथ, डीएचएस के अकाउंटेंट विकास कुमार और डीआईओ धनंजय कुमार शामिल रहे।हालांकि, जांच से जुड़े अधिकारियों ने मीडिया के सवालों से दूरी बनाई और किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से बचते नजर आए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी एक जांच टीम अपनी रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंप चुकी है, जिसे जिला स्तर से आगे भेजा गया था।

