नवगछिया : गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी है, सबसे अधिक तबाही नवगछिया अनुमंडल में है, वैसे जिले के 16 में 14 ब्लॉक बाढ़ से प्रभवित हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 64 पंचायतों की 199 गांव चपेट में हैं। इनमें 01 लाख 66 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित है। एनएच-80 सहित 5 सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं हैं। सबौर से आगे एनएच-80 पर घोषपुर और मसाढ़ू पुल के पास बाढ का पानी चढ़ गया है, जो तेजी चल रहा है। नवगछिया में गंगा ने प्रलयंकारी रूप धारण कर लिया है। बिहपुर के नरकटिया नन्हकार जमींदारी बांध पर कटाव जारी है। जल संसाधन विभाग की टीम कटाव को नियंत्रित नहीं कर पा रही है। गुरुवार को 200 फीट में बांध का हिस्सा कट कर गंगा में समाया गया। यह आशंका व्यक्त की गई बांध अब ऐसी स्थिति में पहुंच गया कि वह किसी भी समय ध्वस्त हो सकता है। हालांकि हजारों की संख्या में इलाके के ग्रामीण भी इंजीनियरों की टीम के साथ बचाव कार्य में दिन-रात जुटे हैं। लेकिन बांध का जितना हिस्सा कट गया है, उसे और नदी की धरा को देखकर लोग डर गए हैं। इलाके में अफरातफरी का माहौल है।
नरकटिया गांव के लगभग लोग अपने-अपने घरों से सभी सामानों के साथ सुरक्षित स्थानों पर अपने परिवार के साथ पलायन कर चुके हैं, कुछ बचे हैं वह तैयारी में हैं। डीएम प्रणव कुमार दलबल के साथ पहुंचे और जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता से मौजूदा हालात की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने इंजीनियरों की टीम से कहा कि किसी भी कीमत पर इस बांध को बचाना होगा।
कटा बांध तो नरकटिया गांव का बदल जाएगा स्वरूप
नरकटिया नन्हकार जमींदारी बांध पर जहां पर कटाव हो रहा है। उक्त स्थल नरकटिया गंवा के बिल्कुल मध्य में है। कटाव स्थल के ठीक सामने दर्जनों घर भी हैं। यदि बांध ध्वस्त होता है, तो नदी भारी तबाही मचाएगी। नरकटिया गांव का भौगोलिक स्वरूप ही बदल जाएगा। ध्वस्त होने की स्थिति में जो लोग अपने घरों में रहेंगे, उन्हें निकलने तक का मौका नहीं मिलेगा। इसलिए लोग कटाव के भय से एहतियात के तौर पर गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों पलायन कर रहे हैं। इसके अलावा नवगछिया अनुमंडल की एक बड़ी आबादी बाढ़ की चपेट में आ जाएगी। बिहपुर, नारायणपुर व खरीक प्रखंड के लगभग गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। बाढ़ का पानी का कटिहार-बरौनी रेलखंड व एनएच-31 और 14 सड़क तक पहुंच जाएगा। वर्तमान में नदी का लेबल 14 नंबर सड़क से ऊपर है। बांध ध्वस्त होने की स्थिति में बाढ़ का पानी 14 नंबर सड़क को ओवरफ्लो कर पार भी कर सकती है।

बाढ़ से बच कर निकले लोग जिंदगी की जद्दोजहद से जूझ रहे हैं
गंगा की चपेट में नवगछिया, गोपालपुर, इस्माइलपुर, नारायणपुर और कोसी की चपेट रंगरा, खरीक और बिहपुर प्रखंड आ चुका है। यहां के लोग बाढ़ से किसी तरह बचकर निकल कर अपने परिवार के साथ बांधोंर, सड़कोंर, स्कूल और ऊंचे स्थानों पर जिंदगी की जद्दोजहद से जूझ रहे हैं। प्रशासन ने न इनके निवाले की कोई व्यवस्था की है और न ही पीने के पानी की और न ही वैकल्पिक शौचालय की।
नवगछिया में वर्ष 2016 में आई बाढ़ से गंगा के अधिकतम जलस्तर से अभी महज 45 सेंटीमीटर नीचे है। वर्तमान में गंगा 33.00 सेंटीमीटर पर बह रही है। पिछले 24 घंटे में 16 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। इससे स्पष्ट है कि नदी के जलस्तर में काफी तीव्र गति से वृद्धि हो रही है। गंगा का खतरे का निशान 31.60 मीटर है। वर्तमान में नदी खतरे के निशान से एक मीटर 40 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वर्ष 2016 में गंगा का अधिकतम जलस्तर 33.45 सेंटीमीटर अंकित किया गया था। वहीं कहलगांव में गंगा स्थिर है। 32.04 सेंमी पर गंगा बह रही है, यहां खतरे का निशान 31.09 है।
खरीक : सिंहकुंड में भी घुसा बाढ़ का पानी
खरीक| कोसी नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। गुरुवार को कोसी नदी का पानी लोकमानपुर के तीन टोले के बाद सिंहकुंड गांव में प्रवेश कर गया। दर्जन भर से अधिक घरों को अपने आगोश में ले लिया। पानी से गांव हर तरफ से घिर गया है।
छोटी परबत्ता : 14 नंबर सड़क पर रिसाव तेज
नवगछिया| गुरुवार देर रात तेतरी जाह्नवी चौक 14 नंबर सड़क के छोटी परबत्ता के पास सड़क पर तेज से पानी का रिसाव शुरू हो गया। बाढ़ का पानी तेजी से दियारा इलाका में फैलने लगा। सड़क के ध्वस्त होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। छोटी परबत्ता व जगतपुर, गेरेया के ग्रामीण मौके पर रिसाव को रोकने का प्रयास में जुटे हैं। मुखिया प्रतिनिधि प्रदीप यादव एसडीओ से तत्काल बचाव कार्य शुरू करवाने की मांग की।


