गोपालपुर : गोपालपुर थाना क्षेत्र के तिनटंगा निवासी दशरथ रजक के पुत्र दरोगा प्रकाश रजक 55 की मौत की खबर पैतृक गांव तिनटंगा पहुंचते घर में कोहराम मच गया।पुत्र की मौत की खबर मिलते ही वृद्ध मां लक्षिया देवी बेहोश होकर गिर गई। बड़ा भाई अमित रजक व परिवार के अन्य सदस्य दहाड़ मारकर रो रहे थे। वृद्ध मां लक्षिया देवी के रुदन से हर किसी की आंखे गमगीन हो रही थी। वृद्ध मां कह रही थी कि मुझे ले जाते बेटे को लेकर चले गए मुझे क्यों छोड़ दिया। वही घर के अन्य सदस्यों का भी रो रोकर बुरा हाल था। दरोगा की मौत की खबर गांव में आग की तरह फैल गई। पूरे गांव के लोग दरोगा की मौत के बाद परिजनों को सांत्वना देने पहुचे हुए थे और परिवार के लोगों को ढांढस बंधा रहे थे।
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– मेरा पुत्र आत्महत्या नहीं कर सकता, साजिश के तहत की गई है हत्या
मृतक दरोगा प्रकाश रजक की मां लक्षिया देवी ने कहा कि मेरा पुत्र आत्महत्या नहीं कर सकता है । मेरे पुत्र की किसी ने साजिश के तहत हत्या कर दी है। उन्होंने बताया कि उसे ना तो घर से किसी प्रकार की परेशानी थी। ना ही वह किसी प्रकार के तनाव में चल रहा था। ना ही मेरे पुत्र को किसी प्रकार का कोई बीमारी थी। मेरा पुत्र पूरी तरह स्वस्थ था और जिम्मेदारी पूर्वक अपने परिवार को चला रहा था। चार वर्ष पूर्व अपनी पुत्री मेरी पोती की शादी उन्होंने धूमधाम से किया था। मेरा पोता सूरज कुमार पटना में रहकर पढाई कर रहा है। मेरे पूरा परिवार खुशहाल था ऐसे में मेरे पुत्र द्वारा आत्महत्या किये जाने की कोइ गुंजायश ही नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरे पुत्र की साजिश के तहत हत्या हुई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
– सिपाही से पदोन्नति प्राप्त कर दरोगा बना था प्रकाश
तीन टंगा निवासी मृतक दरोगा प्रकाश रजक सिपाही से पदोन्नति प्राप्त कर दरोगा बना था।दरोगा बनने के बाद 5 वर्ष से उसे थाने की कमान भी दी जा रही थी।मृतक के भाई अजीत रजक ने बताया कि हम दो भाइयों में प्रकाश हमसे छोटा था। गरीबी में मेरे पिताजी हैम दोनों भाईयों को पढ़ाया इसी दौरान मेरे छोटे भाई प्रकाश रजक सिपाही की तैयारी करने लगा मिहनत व लगन के साथ उन्होंने नोकरी हासिल की। दरोगा में पदोन्नति मिलने के बाद वाह पिछले 5 वर्षों से विभिन्न थाना में भी अपनी सेवा दे रहे थे।वर्तमान में वह आरा जिले के करनामेंपुर ओपी में ओपी प्रभारी के पद पर प्रतिनियुक्त थे।

– कटिहार में अपने परिवार के साथ रह रहा था दरोगा प्रकाश
नौकरी के बाद दरोगा प्रकाश रजक कटिहार जिले के मिर्चाईबारी में अपनी जमीन खरीदकर अपना घर बनाया था।पिछले 15 वर्षों से वह अपने परिवार के साथ वहीं रह रहा था। पैतृक घर पर उसकी मां और उनका बड़ा भाई रहते हैं।

