नवगछिया: बुधवार देर रात आई आंधी-बारिश और ओले गिरने का असर पूरे जिले में देखा गया। इस आंधी में जहां आम, लीची व केले की फसल बर्बाद हो गई, वहीं कई झोपड़ियां उड़ गईं। इससे कई परिवार बेघर हो गए। पर इस आंधी-पानी में कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से जहां लोगों को राहत मिली। देर रात आई इस आंधी पानी ने नवगछिया अनुमंडल में व्यापक तबाही मचाई। आंधी और मूसलाधार बारिश के साथ हुए ओलावृष्टि से आम, लीची, केले की फसल जहां बर्बाद हो गए, वहीं तेज आंधी में लोगों के घरों के छप्पर उड़ गए।
Total Downloads: 105
आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि नवगछिया एक्सचेंज ऑफिस में लगे बीएसएनएल का टाॅवर गिर गया। हालांकि टाॅवर के गिरने से कोई हताहत नहीं हुआ। आंधी पानी में बिजली के पोल, तार टूट कर क्षतिग्रस्त हो गए। इससे पूरे अनुमंडल की बिजली आपूर्ति ध्वस्त हो गई। इस आंधी पानी में सबसे ज्यादा क्षति किसानों को हुई है। अनुमंडल के बिहपुर, खरीक, गोपालपुर, नवगछिया प्रखंड में आम, लीची व केले की फसल को व्यापक क्षति हुई है।

कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली, देर रात आई आंधी पानी ने नवगछिया अनुमंडल में मचाई तबाही नवगछिया उच्च विद्यालय स्थिति ताइक्वांडो कैम्प का उड़े चदरा की ठीक करने की जुगत में जुटे लोग।
किसानों ने फसल की क्षति को लेकर की मुआवजे की मांग : किसान बिजेंद्र शर्मा, राजमंगल चौधरी, बमबम चौधरी आदि ने कहा कि आंधी-वर्षा ने हमलोगों के सपनों को उजाड़ दिया। बागानों मे लगी आम लीची की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, जो कुछ बचा है ओला वृष्टि में बर्बाद हो गया। केले की फसल की भी यही स्थिति है। किसानों ने कहा कि इस वर्ष फसल को देखकर लग रहा था कि मुनाफा अच्छा होगा। लेकिन आंधी बारिश ने फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। केले की फसल खानी सहित खेतों में टूट कर गिर गए। इस आंधी वर्षा से दोहरी मार पड़ी है।

गोपालपुर में भी हुई बर्बादी
गोपालपुर| प्रखंड में बुधवार की रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश से प्रखंड में कई एकड़ में लगी केले की फसल को बर्बाद गई। इसका असर आम व लीची पर पड़ा। इससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा। किसानों से प्रशासन से क्षति का आकलन कराकर मुआवजे की मांग की है।

