नवगछिया : सड़क हादसे में बालक के मारे जाने के बाद ग्रामीणों द्वारा किये गये आक्रोश प्रदर्शन के समय एक समय ऐसा लगा कि पूरी व्यवस्था उपद्रव करने वालों के हाथ में आ गयी हो. मकंदपुर चौक स्थित पुलिस चौकी पर लगभग एक दर्जन होमगार्ड के जवान भी पूरी तरह से असहाय और लाचार नजर आये. जाम के बाद मकंदपुर चौक पर कई यात्री वाहनों पर बैठे लोग पैदल ही निकल गये. लेकिन आक्रोशित लोगों के तेवर देख कर वहां से गुजरने की हिम्मत भी नहीं कर रहे थे.
कुछ यात्रियों ने कहा कि बालक की दर्दनाक मौत निश्चित रूप से ह्रदयविदारक घटना थी. लेकिन घटना के बाद माहौल खराब करने वाले कुछ ही लोग थे. प्रदर्शन करने वाले कुछ युवक ऐसे भी थे जो मुंह में सिगरेट रख कर अपनी कार्रवाई कर रहे थे. यात्रियों ने कहा कि मातम में गुस्से का इजहार करने वाले क्या ये लोग उस बालक के परिजन हैं. क्या ऐसे लोगों की सच में उसके परिजनों के साथ संवेदना है ? जिसका पुत्र मारा गया. नवगछिया के बुद्धिजीवियों और आमलोगों ने बालक की मौत पर दुख व्यक्त किया है तो इस नाम पर उपद्रव करने वाले लोगों की निंदा भी की है.

पुलिस पर लगाया अवैध वसूली करने का आरोप
आक्रोशित युवकों का कहना है कि गोसाईंगाँव से मकंदपुर चौक के बीच बराबर इस तरह की घटना होते रहती है. पिछले वर्ष ईंट लदे ट्रैक्टर ने एक स्कूली छात्र को रौंद दिया था. उसकी भी मौत घटनास्थल पर हो गई थी.अनुमंडल कार्यालय के ड्राइवर की मौत भी ट्रक के द्वारा धक्का मार देने के कारण हुई थी. आक्रोशित युवकों का कहना था कि पुलिस वसूली में मस्त रहती है. इधर निर्दोषों की जान चली जाती है. होमगार्ड के जवान विरेन्द्र सिंह, विपिन कुमार, महेश्वर, शालिग्राम राय आदि ने बताया कि हमलोग पिछले माह पूर्णिया से दस जवान यहाँ आये हैं और यात्री शेड में रहकर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं. पुलिस के वरीय पदाधिकारियों ने कहा कि कानून को हाथ में लेने वाले को चिन्हित कर कडी कार्रवाई की जायेगी.


