शहर में शुक्रवार को 14 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। सुबह छह बजे कटी बिजली शाम 8 बजे आई और कुछ देर बाद फिर आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली नहीं रहने से उपभोक्ता दिनभर परेशान रहे।
Total Downloads: 105
पीने के पानी के लिए लोग इधर-उधर भटकते रहे। कुछ लोगों ने तो बोतल बंद या जार खरीदकर अपनी प्यास बुझाई, लेकिन गरीब तबके लोगों की चापाकल पर भीड़ लगी रही। बरसात में चापाकल से गंदा पानी निकल रहा है। पर मजबूर लोगों ने इसी से अपनी अपनी प्यास बुझाई।

शुक्रवार को पिछले 16 घंटे में महज एक से डेढ़ घंटे ही बिजली की आपूर्ति की गई। देर रात तक बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से चालू नहीं हो पाई थी। पूरे दिन लोग गर्मी से जहां परेशान रहे वहीं बिजली से जुड़े लोगों का रोजगार भी प्रभावित हुआ। शाम में बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई भी बाधित रही। बिजली के लगातार गायब रहने से सोशल मीडिया पर भी बिजली की समस्या छाया हुआ था।
शहर के लोगों का कहना है कि शहरी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति इस तरह हो रही है तो ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति का अंदाजा लगया जा सकता है। अनियमित बिजली आपूर्ति व बिल में गड़बड़ी के कारण बिजली कंपनी के प्रति लोगों में आक्रोश है। उपभोक्ताओं ने कहा कि अगर जल्द बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं होगा तो उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

वहीं नवगछिया टॉउन जेई प्रशांत कुमार ने कहा कि शहर के स्टेट बैंक के पास ट्रांसफार्मर को बदला जा रहा था। इस कारण दिन में शहर की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। देर शाम बिजली आपूर्ति शुरू की गई।

