वर्चस्व को लेकर चल रहे पारिवारिक लड़ाई में चचेरे भाई ने सोनू राय की जान ले ली है। परिवार के बीच पहले से कोई बड़ा विवाद नहीं था, लेकिन सोनू राय व उनके छोटे भाई जिप सदस्य गौरव राय के बढ़ते कद से राकेश राय परेशान था।


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सोनू को कभी नहीं लगा कि चचेरा भाई राकेश राय और भतीजा मुरलीधर जान का दुश्मन बना हुआ है। गौरव राय के बयान पर परबत्ता थाना में घटना की रिपोर्ट दर्ज की गई है। डीआईजी विकास वैभव ने कहा कि घटना पर वह स्वयं नजर रख रहे हैं। फरार बदमाश भी जल्द गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। सोनू राय व गौरव राय की इलाके में तेजी से पैठ बढ़ रही थी। इससे राकेश राय परेशान था। आपराधिक छवि के रहने के कारण समाज में भी राकेश को तरजीह नहीं मिल रही थी। अंदर ही अंदर उसमें इतनी बड़ी आग धधक रही थी इसका किसी को अहसास नहीं था। राकेश राय को सामने आकर दोनों भाई से टकराने की हिम्मत नहीं थी। इलाके के लोग भी सोनू की हत्या से परेशान हैं। शुक्रवार को सोनू का गंगा घाट किनारे दाह-संस्कार किया गया। घाट किनारे लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। गौरव राय ने भतीजे का हाथ पकड़कर भाई को मुखाग्नि दी।

गंगा घाट पर पुलिस की सुरक्षा लगा दी गई थी। गौरव ने आवेदन में कहा है कि बड़े भाई सोनू राय गुरुवार को भागलपुर से वापस घर लौट रहे थे। वह भी एक सहयोगी के साथ पीछे घर लौट रहे थे। विक्रमशिला पुल पार करने पर गोली की आवाज सुनाई पड़ी। कुछ दूरी पर एक स्कूल के पास भाई को राकेश राय, उसका बेटा मुरलीधर और लतरा गांव के छोटू उर्फ पुरुषोत्तम भाई को गोली मार रहे थे। तीन बादमाश मोटरसाइकिल स्टार्ट कर खड़े थे। राकेश राय ने भाई के सिर पर गोली मारी और मुरलीधर ने भी भाई के सिर और गर्दन के पास गोली मारी। छोटू ने भी गोली मारी। हमारे साथ पंकज जब भाई की ओर बढ़ा तो राकेश राय और छोटू ने हमारी ओर भी गोली चला दी। इसके बाद हथियार लहराते हुए मोटरसाइकिल पर बैठकर उत्तर की ओर भाग गए। रास्ते से गुजर रहे ग्रामीण शंभू कुमार ने भागते हुए बदमाशों की पहचान की।

पूर्णिया और खगड़िया में छापेमारी :

सोनू राय की हत्या के बाद डीआईजी द्वारा गठित एसआईटी द्वारा हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर सीमावर्ती इलाकों में छापेमारी की जा रही है। टीम द्वारा पूर्णिया के अलावा खगड़िया जिला के पसराहा में कई स्थानों पर छापेमारी की गई है। एसडीपीओ प्रवेन्द्र भारती ने बताया कि कांड का उद्भेदन हो गया है। बदमाशों के छिपने के स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। एसआईटी अलग-अलग दिशा में छापेमारी कर रही है।

पुत्र मिहिर व भाई गौरव राय ने दी मुखाग्नि:

सोनू राय के शव का अंतिम संस्कार राघोपुर स्थित बाढ़ नियंत्रण कैम्प कार्यालय के समीप हुआ। उन्हें पुत्र मिहिर व छोटे भाई गौरव राय ने सुबह के करीब सवा नौ बजे मुखाग्नि दी। शव यात्रा में सोनू की बहन स्वीटी कुमारी भी शामिल हुई थीं। वह सोनू के दोनों बच्चे को सांत्वना दे रही थीं। इससे पहले सुबह साढ़े आठ बजे शवयात्रा में शामिल गाड़ियों का काफिला पुलिस अभिरक्षा में गंगा किनारे पहुंचा। सोनू की अंतिम यात्रा में गांव के पूर्व मुखिया लीडर सनगही, छात्र नेता सज्जन भारद्वाज, सरपंच प्रतिनिधि रजनीश कुमार, जिप अध्यक्ष टुनटुन साह, पूर्व जिप विजय मंडल समेत बड़ी संख्या में गणमान्य मौजूद थे।

जिला परिषद गौरव राय ने रोते-बिलखते कहा कि आखिर कब तक पैसा लेकर निर्दोषों की हत्या का सिलसिला चलता रहेगा। प्रशासन को इस पर लगाम लगाना चाहिए। सोनू राय की बहन स्वीटी कुमारी मुंबई से गुरुवार की रात करीब 11 बजे तुलसीपुर पहुंची। इससे पूर्व एक छोटी बहन लवली कुमारी पटना से देर शाम पहुंची।

मां ने कहा फांसी से भी बड़ी सजा मिले हत्यारे को:

बेटे के लहूलुहान शव को विदा करने के बाद मां फूट फूटकर रोयी और कहा फांसी से बड़ी सजा मिले हत्यारे को। वहीं वृद्ध पिता राजकिशोर राय रोते हुए कह रहे थे जिस बेटे के कंधे पर वह गंगा घाट जाते आज उसी बेटे के अर्थी निकलता कलेजा फट रहा है। वहीं जदयू जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता शुक्रवार को बैठक हुई। इसमें जदयू जिलाध्यक्ष ने खरीक उत्तरी क्षेत्र के जिला परिषद गौरव राय के भाई सोनू राय के हत्या की कड़ी निंदा की। जदयू नेता गुलशन मंडल ने अपराधिक घटनाओं को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी से जाह्नवी चौक पर सीसीटीवी कैमरा लगाने की मांग की।

सोनू की हत्या के विरोध में पुतला फूंका:

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, नवगछिया इकाई ने सिम्पल कुमार व अनुज चौरसिया के नेतृत्व में सोनू की हत्या का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया।

सोनू राय का शव उठते ही रो पड़े इलाके के लोग सोनू राय का शव यात्रा शुक्रवार सुबह करीब सात बजे तुलसीपुर गांव से निकली। शव उठाने के दौरान सोनू की पत्नी प्रियांबु कुमारी, भावज मीनाक्षी राय, माता रूबी देवी व दो छोटे-छोटे बच्चे की दहाड़ सुनकर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। सांत्वना देने वालों का रात भर आने का सिलसिला रहा जारी पोस्टमार्टम के बाद शव तुलसीपुर पहुंचने के बाद से ही परिजनों को सांत्वना देने वाले लोगों के आने का तांता लगा रहा, जो रातभर जारी रहा।

गौरव राय की बढ़ती लोकप्रियता से भी जोड़कर देखा जा रहा मामले को जिला परिषद गौरव की बढ़ती लोकप्रियता एवं आगामी विधानसभा में गौरव राय की मजबूत दावेदारी को भी इस हत्याकांड से जोड़कर देखा जा रहा है। सोनू ही जिप के सभी कार्यों को करता था। समाज में उसकी अच्छी छवि ही गौरव के लगातार जीत का कारण बन रही थी। अपने विरोधियों के घर जाकर पलभर में उसे अपना बना लेना सोनू का स्वभाव था। वर्ष1976 में सोनू के दादा दशरथ प्रसाद सिंह उर्फ दासो बाबू की हत्या अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने के कारण कर दी गई थी।

चिता के सामने बच्चों ने पिता के सपने को पूरा करने का किया वादा मिहिर पिता को मुखाग्नि देने में संकोच कर रहा था। कह रहा था कि आग से पापा जल जाएंगे और उन्हें तकलीफ होगी। लोगों ने उसे बहला-फुसलाकर मुखाग्नि दिलवाया। दोनों बच्चों को सोनू की बहन सांत्वना दे रही थी। जलती चिता से थोड़ी दूरी पर अपनी बुआ के साथ बैठी उसकी बेटी वैभवी राय ने कहा कि मेरे पापा मुझे डॉक्टर व मेरे भाई मिहिर को आईएएस बनने के लिए प्रेरित करते थे। हमदोनों भाई-बहन इतना मन लगाकर पढ़ाई करेंगे कि पापा के सपने पूरा हो जाए। सोनू का छोटा पुत्र नन्हा बार- बार अपने पिता को खोज रहा है। लाडली वैभवी पापा का नाम सुनते ही फूट फूटकर रो रही थी।

By न्यूज़ डेस्क

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