तुलसीपुर चौक पर स्थित हटिया से पान खाकर वापस अपने घर लौट रहे मो. जब्बार की हत्या करने से पहले अपराधियों ने दहशत फैलाने के लिए हवा में गोली चलाई। गोली चलते ही वहां अफरातफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। युवक की हत्या के बाद वहां मौजूद लोग कुछ भी बताने से इंकार कर करते रहे।
बताया जाता है कि 12 जुलाई को भी अपराधियों ने मो. जब्बार को यमुनिया चौक पर गोली मारी थी। गोली बांह में लगी और वह बाल-बाल बच गया। उस वक्त वह एक दुकान पर चाय पी रहा था। एक ही बाइक पर सवार तीन अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया था। इस संबंध में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ परवत्ता थाने में मामला भी दर्ज कराया था।


सूत्रों के मुताबिक इस घटना के बाद गांव में एक पंचायत भी हुई थी, जिसमें घटना को अंजाम देने वाले अपराधी भी शामिल हुए थे। पंचायत में दोनों के बीच सुलह कराकर मामले को रफा-दफा करा दिया गया था। हालांकि मृतक के परिजन इस बात की पुष्टि करने से साफ इंकार कर रहे हैं।
अवैध संबंध में हत्या की आशंका
मृतक जब्बार लंबे अरसे से झाड़-फूंक का भी काम करता था। उसके कई महिलाओं से अवैध संबंध थे। आशंका जताई जा रही है कि अवैध संबंध को लेकर ही उसकी हत्या की गई है। पुलिस भी इस बिंदु पर जांच कर रही है। घटनास्थल से लौट रही युवक की मां ने कहा कि नेपला ने मेरे बेटे की हत्या करा दी। नेपला कौन है इसके बारे में किसी ने कुछ नहीं बताया। चर्चा यह भी है कि गांव के ही एक बड़े व्यवसायी ने सुपारी किलर के जरिए इस वारदात को अंजाम दिलवाया।

