जिले के विभिन्न थानों में शादी की नीयत से अपहरण के केस काफी संख्या में दर्ज हो रहे हैं। लेकिन पुलिस जब मामले की जांच करती है तो पता चलता है कि जिस लड़की के अपहरण की रिपोर्ट उसके परिजनों ने दर्ज कराई है उसके पीछे प्यार का मामला है।

जब लड़की अपने परिजनों के खिलाफ बिना बताए प्रेमी संग घर से चली जाती है तो परिजन मजबूरी में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराते हैं। पुलिस जब लड़की को बरामद करती है या फिर लड़की जब खुद थाने में हाजिर होती है तब वह बताती है कि उसका अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि वह खुद अपनी मर्जी से गई थीं। कोर्ट में ट्रायल के दौरान सबूत के अभाव में ऐसे ज्यादातर मामलों में आरोपी रिहा हो रहे हैं।

हाल के वर्षों में प्यार की ऐसे मामलों से थानों की फाइल मोटी होती जा रही है। जिले में 2018 में अपहरण के कुल 322 केस दर्ज हुए हैं। जिसमें से शादी के लिए अपहरण के 200 से अधिक केस हैं। वहीं 2017 में अपहरण के दर्ज 317 मामलों में इसकी संख्या भी 200 के पार है।

इस साल ऐसे पांच आरोपी कोर्ट से हो चुके हैं रिहा

ऐसे मामलों में लड़की के माता-पिता पहले अपने स्तर से लड़की की खोजबीन करते हैं। पता नहीं चलने पर पहले थाने में गुमशुदगी का सनहा व बाद में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज होती है। जिसमें लड़की के प्रेमी के अलावा उसके माता-पिता व अन्य को आरोपी बनाया जाता है। इस साल ऐसे पांच मामलों में कोर्ट से आरोपी को रिहा किया जा चुका है। 2010 से पहले ऐसे केस जिले में 100 के नीचे दर्ज होते थे। लेकिन 2011 से ऐसे मामलों की संख्या हर साल 100 के पार कर रही है।

प्रेम प्रसंग के मामले में हलकान हो रही है पुलिस

केस- 1 : 27 अक्टूबर 2016 को मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र की एक महिला ने शादी की नीयत से अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण के आरोप में चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। लेकिन लड़की ने कोर्ट में कहा कि वो नाबालिग नहीं, बीए पार्ट टू की छात्रा है। उसका अपहरण नहीं हुआ था। बल्कि वह घर से कंप्यूटर सीखने निकली थी। और आरोपी के साथ चली गई थी। उसने आरोपी युवक को अपना पति बताया। अदालत ने सबूत में अभाव में युवक को बरी कर दिया।

केस-2 | कोर्ट ने सन्हौला थाना क्षेत्र के सोनूडीह निवासी आरोपी युवक को सबूत के अभाव में रिहा कर दिया था। गांव के ही एक व्यक्ति ने अपनी विवाहित बेटी को जबरन अपहरण करने का आरोप लगा सन्हौला थाने में 1 अप्रैल 2015 को केस दर्ज कराया था। विवाहिता ने कोर्ट में कहा वह अपनी मर्जी से युवक के साथ चली गई थी।

केस-3 | फरवरी महीने में जोगसर थाना क्षेत्र के बूढ़ानाथ के समीप की रहने वाले एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण का केस दर्ज कराया था। ट्रायल के दौरान लड़की ने कोर्ट को बताया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था। वह अपनी मर्जी से आरोपी युवक के साथ गई थी। आरोपी से शादी कर ली है। कोर्ट ने सबूत के अभाव में आरोपी को बरी कर दिया था

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By न्यूज़ डेस्क

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