भागलपुर : नौकरी-पेशा वाले लोगों के लिए खुशखबरी है. इवनिंग कॉलेज में पढ़ाई कर वह ग्रेजुएट बन सकेंगे. इसके लिए नौकरी के समय में क्लास करने की जरूरत नहीं है. उच्च शिक्षा की निदेशक रेखा कुमारी ने टीएमबीयू रजिस्ट्रार सहित राज्य के दूसरे विवि में पत्र भेज कर इवनिंग कॉलेज खाेलने पर जोर दिया है.
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विवि से इवनिंग कॉलेज संचालित करने वाले विंग को सशर्त मान्यता देने के लिए भी कहा है. इवनिंग कॉलेज खोलने के लिए संबद्ध कॉलेजों की तुलना में रियायत दी गयी है. सिक्युरिटी मनी के रूप में 50 फीसदी जमा लिया जायेगा.
किसी कॉलेज के संचालित भवन में शुरू कर सकते हैं : किसी संचालित कॉलेज के भवन में इवनिंग कॉलेज संचालित किया जा सकता हैं. सेकेंडरी स्कूल के भवन या फिर निजी भवन में भी शुरू किया जा सकता है.

लैब की व्यवस्था हो, ताकि पढ़ाई कर रहे छात्र प्रैक्टिकल कर सकें. इसके लिए संबंधित कॉलेज से संपर्क कर लैब की व्यवस्था करे. यदि उस भवन में लैब की व्यवस्था नहीं है, तो लैब की व्यवस्था करें. लाइब्रेरी की भी व्यवस्था हो.
मानक का पालन करने पर मान्यता देने का निर्देश
इवनिंग कॉलेज खोलने के लिए विभाग से जारी शर्त का पालन करने पर विवि से मान्यता दी जायेगी. सरकार को मान्यता के लिए आवेदन भेज दिया जायेगा. इवनिंग कॉलेज संचालित करने के लिए जमीन लीज पर नहीं होनी चाहिये. शाम में ही कॉलेज संचालित किया जाये.
ऐसे तमाम चीज है. विभाग का शर्त पूरा करने पर विवि की टीम जायेगी. स्थल का निरीक्षण करने के बाद मान्यता से संबंधित प्रक्रिया पूरी की जायेगी.
पार्ट टाइम टीचर पढ़ायेंगे छात्रों को : कॉलेज के शिक्षकों को पार्ट टाइम रखने की बात कही गयी है. कॉलेज के हिसाब से कर्मचारी को रखने का प्रावधान है. इसके लिए उन शिक्षकों व कर्मचारियों को कॉलेज संचालन कमेटी की ओर से भुगतान किया जाना है.

