उत्तर बिहार के प्रसिद्ध मधेपुरा के सिंहेश्वरनाथ मंदिर में सावन की पहली सोमवारी को जलाभिषेक करने के लिए शिवभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। डाकबम, कांवरियों के साथ ही आम श्रद्धालुओं का अहले सुबह से ही पूजा- अर्चना और जलाभिषेक का दौर शुरू हो गया। पहली सोमवारी को बाबा सिंहेश्वर नाथ मंदिर में एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के जलाभिषेक करने की संभावना है।
भीड़ को नियंत्रित करने की पुख्ता व्यवस्था :
सिंहेश्वरनाथ नाथ मंदिर में शिवभक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता व्यवस्था की गई। शिव गंगा तट से मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं की दो कतार बनायी गयी है। कतार में चलकर श्रद्धालु मंदिर तक पहुंच रहे हैं। गर्भ गृह में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों के साथ ही स्थानीय सेवादार भी चौकस हैं।


श्रद्धालुओं के लिए गंगाजल की भी व्यवस्था
सिंहेश्वर नाथ मंदिर में सेवादारों की ओर से गंगा जल की भी व्यवस्था की गयी है। मोकामा घाट से गंगाजल मंगाया गया है। भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित करने वाले श्रद्धालुओं को सेवादारों द्वारा गंगाजल उपलब्ध कराया जा रहा। इसके साथ ही डाकबम की सेवा के लिए मंदिर परिसर में सेवादार तत्पर हैं। मंदिर परिसर में सेवादारों की ओर से पानी, शरबत आदि की भी व्यवस्था की गयी है।
भागलपुर से जलभर कर आते हैं डाक बम
उत्तर बिहार के प्रसिद्ध शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए बड़ी तादाद में डाकबम भी जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। भागलपुर गंगा घाट से जलभर कर करीब सवा सौ किलोमीटर पैदल चलकर डाकबम और कांवर बम सिंहेश्वरनाथ को जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान मार्ग में जगह- जगह ग्रामीण बम की सेवा और सहायता के लिए तैयार रहते है। बिहार के विभिन्न जिलों के साथ ही सीमावर्ती नेपाल से भी शिवभक्त सिंहेश्वरनाथ पहुंचते हैं।

