सौभाग्य व सिद्धि योग में गुरुवार को बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधेंगी। राखी बंधवाने के लिए शुभ मुहूर्त प्रात: 6:04 से दिन के 4:23 बजे तक है। बाबा कुपेश्वरनाथ मंदिर के पुजारी पंडित विजयानंद शास्त्री के अनुसार पूर्णिमा बुधवार को दिन में 2:47 बजे प्रवेश कर गया, जो गुरुवार को दिन के 4:23 बजे तक रहेगा।
यह समय राखी बंधवाने के लिए उत्तम मुहूर्त है। उदया तिथि के कारण रक्षाबंधन गुरुवार को मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के दिन डेढ़ से तीन बजे तक राहुल काल रहेगा। इस दौरान राखी नहीं बंधवानी चाहिए। पंडित शास्त्री ने कहा कि गुरुवार को पड़ने व गुरु मार्गी होने के कारण रक्षाबंधन के दिन सौभाग्य और सद्धिि योग का सुंदर संयोग बन रहा है। इस बार 19 साल के बाद रक्षाबंधन व स्वतंत्रता दिवस एक साथ मनाया जाएगा।


डोरीमॉन, शीनचैन, छोटा भीम आदि राखियां खूब बिकीं : राखी के एक दिन पूर्व बुधवार को राखी की खूब बक्रिी हुई। थोक वक्रिेता मुकेश चौधरी ने बताया कि इस बार बच्चों की राखी की खूब मांग थी। डोरीमॉन, शीनचैन, छोटा भीम आदि राखियां खत्म हो गईं। भागलपुर में कोलकाता, मुंबई, दल्लिी आदि जगहों से राखी मांगवाई गई थी। मेटल, मोती, स्टोन, चैन, मयूर आदि की राखियां 20 से लेकर पांच सौ रुपये तक में बिकीं। इसके अलावा चांदी व सोने की ब्रेसलेट स्टाइल वाली राखी बिकी।

लड्डू 180 से 480 रुपये किलो बिका : रक्षाबंधन पर भाई का मुंह मीठा कराने का रिवाज है। बुधवार को मिठाई की दुकानों में जमकर बक्रिी हुई। शिवशक्ति स्वीट्स के ऑनर श्याम सुंदर शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन को लेकर तीन तरह के लड्डू बनाए गए थे। रिफाइन से बना लड्डू 180 रुपये किलो, शुद्ध घी प्लेन छोटा साइज में लड्डू 380 रुपये व शुद्ध घी में मेवा से बना लड्डू बड़ा साइज में 480 रुपये किलो बिका। सोनपापड़ी 450 रुपये किलो बिकी। परवल की मिठाई 20 रुपये पीस, नारियल लड्डू 10 रुपये, रसकदम 14 रुपये, काजू बर्फी 15 रुपये पीस बिकी।

