विक्रमशिला पुल पर इन दिनों गाड़ियां काफी तेज रफ्तार से चल रही हैं। दोनों तरफ से गाड़ियां ओवरटेक करते हुए आगे निकलने की होड़ में लगी रहती हैं। ऐसे में बाइक सवार, साइकिल वाले या फिर पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए पुल पार करना बड़ी चुनौती बन गयी है। पुल पर गाड़ियों की रफ्तार को कम करने के लिए पुलिस की भी तैनाती नहीं है।
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लॉकडाउन में गाड़ियों की आवाजाही बढ़ने के साथ ही बायपास और विक्रमशिला पुल पर गाड़ियां तेजी से चल रही हैं। इस बीच इन दोनों सड़कों पर हर दिन सैकड़ों राहगीर पैदल चलते हैं। शनिवार को पुल के पहुंच पथ पर बैठे राहगीर ने कहा कि पैदल चलने में डर लग रहा है। इसलिए किसी खाली ट्रक का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 4.50 किमी. लंबे इस पुल पर सैकड़ों गाड़ियां आ-जा रही हैं।

वहीं फुटपाथ पर बाइक और साइकिल सवार चल रहे हैं। भोपाल से आए श्रमिक रघुनंदन को खगड़िया जाना है। उन्होंने कहा कि नवगछिया जीरोमाइल तक जाने के लिए गाड़ी का इंतजार कर रहे हैं। पैदल पुल पार करना मुश्किल है। बाइक सवार मनोज ने कहा कि तेज रफ्तार से ट्रक चलने की वजह से उसके बगल से निकलने में भी डर लगता है।
गाड़ियां कतार में चलनी चाहिए जो नहीं चल रही है। श्रमिक उमेश शर्मा ने कहा कि पुल पर पैदल चलने में काफी डर लग रहा है। क्योंकि बिना हॉर्न दिए ही ट्रक बगल से निकल जा रहा है। इस दौरान थोड़ी भी लापरवाही हुई तो दुर्घटना तय है

