भागलपुर। विक्रमशिला पुल के समानांतर पुल का डिजाइन इंफ्रास्ट्रक्चर कंसल्टेंसी रोडिक कंसल्टेंट के द्वारा किया जायेगा। इस पुल को स्टील फाइबर व रिइंफोर्स्ड कंक्रीट टेक्नॉलोजी का इस्तेमाल कर बनाया जायेगा। 4.367 किमी लंबे नए फोरलेन पुल का निर्माण का कार्य अगले चार साल में पूरा करने का लक्ष्य है।
इस डिज़ाइन में 4.367 किमी लंबे पुल के साथ नवगछिया की ओर 875 मीटर और भागलपुर की ओर 987 मीटर पहुंच पथ भी शामिल है। पुल बनने के बाद नवगछिया से भागलपुर होते हुए झारखंड की सीमा तक पहुंच आसान हो जाएगी। इसका लाभ कोसी-सीमांचल और पूर्व बिहार के जिलों को भी मिलेगा। साथ ही पश्चिम बंगाल व पूर्वोत्तर के लिए एक नया वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध होगा। रोडिक कंसल्टेंट के डायरेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि अत्याधुनिक तकनीक और डिजाइन का उपयोग करके बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट डिलीवर करना उनका मकसद है। बिहार में गंगा पर नए जमाने की पुल परियोजनाओं को चालू करने का रिकार्ड काफी अच्छा है। 7.6 किमी लंबा गंगापथ ब्रिज, 9.76 किमी लंबा न्यू गंगा सिक्स-लेन एक्सट्रैडोज्ड ब्रिज, अगुवानीघाट केबल स्टे ब्रिज (परियोजना लंबाई 28.16 किमी) इत्यादि शामिल है।


पुल निर्माण में स्टील फाइबर-प्रबलित कंक्रीट तकनीक का होगा इस्तेमाल:
इस पुल के निर्माण में स्टील फाइबर-प्रबलित कंक्रीट तकनीक (एसएफआरसी) का इस्तेमाल किया जायेगा। एसएफआरसी के अन्य लाभों में कंक्रीट स्लैब की मोटाई कम करना, रखरखाव और मरम्मत लागत में कमी, स्टील और कंक्रीट की मात्रा में कमी आदि शामिल है। यह परियोजना लागत को भी कम करता है। मनोज ने बताया कि इस परियोजना में पुल निर्माण के लिए नई तकनीक लाने का निर्णय इस महीने की शुरुआत में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और बंदरगाह, जलमार्ग और जहाजरानी मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया था।

