भागलपुर। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में भागलपुर की बेटी वैष्णवी चौधरी ने शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम पूरे राज्य में रोशन किया है। वैष्णवी ने बीपीएससी परीक्षा में 47वीं रैंक प्राप्त की है, जिसके बाद उनका चयन सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) / सीनियर डिप्टी कलेक्टर (SDC) के प्रतिष्ठित पद पर हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से भागलपुर के आदमपुर और मुंगेर जिले के तारापुर स्थित पैतृक गांव में खुशी का माहौल है।


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वैष्णवी के पिता उमाकांत चौधरी शहर के प्रसिद्ध योग प्रशिक्षक हैं, जबकि उनकी माता पुनम बाला चौधरी गृहिणी हैं। बेटी की सफलता से पूरा परिवार गौरवान्वित है। परिणाम घोषित होने के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और लोगों ने मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।

शिक्षा में हमेशा रहीं अव्वल

वैष्णवी शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई भागलपुर के माउंट असीसी स्कूल से की। इसके बाद राजस्थान के बनस्थली विद्यापीठ से इंटरमीडिएट की शिक्षा प्राप्त की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली का रुख किया और दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की।

वर्तमान में वैष्णवी दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में भूगोल विषय से मास्टर्स की पढ़ाई कर रही हैं। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने बीपीएससी परीक्षा की तैयारी जारी रखी और अपने लक्ष्य को हासिल करने में सफलता प्राप्त की।

मार्गदर्शन और मेहनत ने दिलाई सफलता

वैष्णवी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिजनों, शिक्षकों और विशेष रूप से अपने मार्गदर्शक रोहित सर को दिया। उन्होंने बताया कि सही रणनीति और निरंतर मार्गदर्शन की वजह से उन्हें परीक्षा के हर चरण में सफलता मिली।

मोबाइल और इंटरनेट का करें सकारात्मक उपयोग

वैष्णवी का मानना है कि आज के डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट पढ़ाई के लिए बेहद उपयोगी साधन हैं। उन्होंने कहा कि यदि इनका सही दिशा में उपयोग किया जाए तो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी काफी आसान हो सकती है।

उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर हर तरह की जानकारी उपलब्ध है। छात्रों को चाहिए कि वे पढ़ाई से जुड़ी सामग्री का चयन करें और समय का सदुपयोग करें। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराएं, लेकिन उनके उपयोग पर नजर भी रखें।

युवाओं को दिए सफलता के पांच सूत्र

वैष्णवी चौधरी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए—

  • सबसे पहले अपना लक्ष्य तय करें और उसी दिशा में लगातार प्रयास करें।
  • मोबाइल और इंटरनेट का सकारात्मक उपयोग करें।
  • तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल पर अभिभावक निगरानी रखें।
  • अच्छी और उपयोगी सामग्री का चयन करें तथा भटकाव से बचें।
  • स्वाध्याय को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाएं।

स्वाध्याय को बताया सफलता की कुंजी

वैष्णवी ने कहा कि किसी भी बड़ी परीक्षा में सफलता के लिए स्वाध्याय सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदारी से की जाए और निरंतर अभ्यास जारी रखा जाए तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

उनकी यह सफलता न सिर्फ भागलपुर बल्कि पूरे बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

By न्यूज़ डेस्क

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