भागलपुर : भागलपुर को उत्तर बिहार से जोड़ने वाली विक्रमशिला सेतु का दिनोंदिन बुरा हाल हो रहा है। अब सेतु पर दिन में तो जाम से लोग जूझते ही हैं शाम होने के बाद भी लोगों को इससे निजात नहीं मिल पा रही है। छठे दिन बुधवार को भी जाम यथावत रहा।
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तीन ट्रकों के खराब होने व ओवरटेक से आवागमन बाधित :
विक्रमशिला सेतु पर ओवरलोड ट्रक के खराब होने के कारण भोर पांच बजे आवागमन बाधित हो गया। नतीजतन, नवगछिया एनएच-31 से रजौन और घोघा तक जाम लगने से 70 किलोमीटर गाड़ियों की कतारें लग गई। पांच घंटे बाद सुबह दस बजे ट्रक की मरम्मत कराई गई। इसके बाद गाड़ियां रेंगने लगी। इसी दौरान छोटी गाड़ियों के ओवरटेक करने और सेतु पर वाहनों की तीन-चार लाइनें बनने से आवागमन फिर बाधित हो गया। दो घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर बारह बजे पुलिस ने गाड़ियों को लाइन में लगाया।

इसके बाद वन-वे कर वाहनों का परिचालन शुरू कराया गया। शाम चार बजे तक परिचालन की यही स्थिति बनी रही। लेकिन कुछ बाद पाया संख्या 25 व 26 के बीच पंद्रह-बीस मिनट के अंतराल में दो ट्रकों के खराब होने से पहिया पथ गया। जाम लग गया। इधर, जाम में एंबुलेंस भी फंसी रही। स्कूली गाड़ियां बच्चों को लाने नवगछिया की ओर नहीं जा सकी।

देर रात तक जाम लगने और हटाने का जारी था सिलसिला
देर रात तक जाम लगने और हटाने का सिलसिला जारी रहा। जाम से पूरी तरह लोगों को छुटकारा नहीं मिल सका। ट्रक चालकों और खलासी ने बताया कि स्थाई बाइपास पर भोर पांच बजे से ही रोककर रखा गया था। अलीगंज से विक्रमशिला सेतु पहुंचने में आठ घंटे लगा। इसकी वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। आसपास होटल व दुकान नहीं होने की वजह से खाना खाने की बात तो दूर चाय तक नसीब नहीं हुई।

एक ओर मोकामा और गांधी सेतु पर भारी वाहनों के बंद होने से पहले ही सेतु पर वाहनों का काफी दवाब बढ़ा है। उस पर तीन वाहनों के खराब होने जल्द पहुंचने के चक्कर में ओवरटेक के कारण जाम की समस्या खड़ी हुई।

