भागलपुर। पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र गुरुवार को मंत्री बनने के बाद पहली बार भागलपुर पहुंचे और विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ सेतु की वर्तमान स्थिति और मरम्मत कार्य की प्रगति की समीक्षा की।

Whatsapp group Join

मंत्री ने बताया कि 49 मीटर लंबे बेली ब्रिज के निर्माण के बाद दो और बेली ब्रिज बनाए जाएंगे। इनमें एक 24 मीटर और दूसरा 12 मीटर लंबा होगा। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त हिस्से के दोनों ओर खराब स्लैब हटाकर इन पुलों को स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल के साथ पटना में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बीआरओ, पुल निर्माण निगम और एनएच के अभियंताओं से तकनीकी जानकारी ली। साथ ही डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह को बेली ब्रिज निर्माण कार्य में हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

मई माह के अंत तक यातायात बहाल होने की उम्मीद

बीआरओ के अधीक्षण अभियंता विपिन कुमार चांद ने दावा किया कि मई माह के अंत तक विक्रमशिला सेतु पर यातायात बहाल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि युद्धस्तर पर निर्माण कार्य जारी है और निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता दिनेश राम, संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

देश का पहला हैंगिंग बेली ब्रिज भागलपुर में

मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र ने कहा कि देश का पहला हैंगिंग बेली ब्रिज भागलपुर में बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण एजेंसी ने पुल निर्माण के लिए 20 से 22 दिनों का समय मांगा है, लेकिन विभाग ने 15 दिनों के भीतर कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया है।

उन्होंने कहा कि यदि कार्य निर्धारित गति से चलता रहा तो 10 दिनों के बाद साइकिल चालकों को पुल से आने-जाने की अनुमति दी जा सकती है। बेली ब्रिज तैयार होने के बाद पुल पर ढलाई का कार्य भी किया जाएगा।

मंत्री काफिले के साथ सेतु का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उनके समर्थकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की कई गाड़ियां भी मौजूद थीं।

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....