भागलपुर समेत सूबे की बड़ी आबादी अभी भी कोरोना की जद में हैं। नये सीरो सर्वे के आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं। सर्वे के अनुसार, अब तक बिहार के किसी भी जिले की 40 प्रतिशत आबादी कोरोना से सुरक्षित स्तर पर नहीं पहुंच सकी है। अगस्त माह में छह जिलों में किये गये एंटीबॉडी (आईजीजी) जांच में पूर्णिया की 10 प्रतिशत तो बेगूसराय की 14.4 प्रतिशत आबादी कोरोना से सुरक्षित है।
19 अगस्त को आरएमआरआई पटना द्वारा बिहार के मुजफ्फरपुर, बक्सर, बेगूसराय, मधुबनी, पूर्णिया व अरवल जिले में सीरो सर्वे कराया गया था। इसके तहत हर जिले में 10-10 क्लस्टर बनाया गया था। सभी जिलों में कुल मिलाकर 60 क्लस्टर में 2529 लोगों की कोरोना एंटीबॉडी जांच की गयी थी। 29 सितंबर को आईसीएमआर दिल्ली द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, मधुबनी जिले में 23.0 प्रतिशत, पूर्णिया में 10, मुजफ्फरपुर में 16.4 प्रतिशत, बेगूसराय में 14.4 प्रतिशत, बक्सर में 13.0 और अरवल जिले में 16.9 प्रतिशत लोगों में कोरोना के विरुद्ध एंटीबॉडी बन पायी।
पहले बिहार के सात जिलों में हुआ था सीरो सर्वे
इसके पहले साल की दूसरी छमाही में पटना, वैशाली, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, कटिहार और भागलपुर में सीरो सर्वे किया गया था। बिहार के इन सात जिलों में औसतन 18.81% आबादी में कोरोना के विरुद्ध एंटीबॉडी विकसित पायी गयी थी। इनमें सबसे अधिक समस्तीपुर में 27.8 प्रतिशत, भोजपुर में 21.0 प्रतिशत, वैशाली में 19.7 प्रतिशत, पटना में 18.8 प्रतिशत, भागलपुर में 18.6 प्रतिशत, मुजफ्फरपुर में 18.6 प्रतिशत और सबसे कम कटिहार जिले में महज नौ प्रतिशत आबादी में कोरोना के विरूद्ध एंटीबॉडी बन पायी थी।

40 प्रतिशत आबादी में एंटीबॉडी बने तो कोरोना से सेफ
मायागंज अस्पताल के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजकमल चौधरी का कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, किसी भी समुदाय, जिले या फिर प्रदेश व देश की 40 प्रतिशत आबादी में यदि कोरोना के विरुद्ध एंटीबॉडी बन जाये तो वह आबादी कोरोना के खतरे की जद से बाहर हो जाती है। इस हिसाब से अभी तक भागलपुर समेत पूरा बिहार कोरोना संक्रमण के खतरे से बाहर नहीं है। ऐसे में लोगों को दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी का कड़ाई से पालन करना चाहिए।


