कुरसेला/भागलपुर : सात राज्यों को जोड़ने वाले कुरसेला पुल का एक पाया शुक्रवार की सुबह सात इंच धंस गया. इसके बाद भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गयी. इसके कारण भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर भी दबाव बढ़ा और एहतियात के तौर पर प्रशासन के कई निर्णय लिये गये हैं. एनएच-31 के कोसी सड़क सेतु (कुरसेला पुल) के आठवें व नौवें पाये के बीच गड़बड़ी दिखी. इसका कारण बड़े व भारी वाहनों का दबाव बताया जा रहा है. मालूम हो कि पश्चिम बंगाल स्थित फरक्का पुल पर मरम्मती का काम चल रहा है. इसके कारण भागलपुर के एनएच-80 होते हुए 25 हजार के बदले 40 हजार से अधिक भारी वाहन पिछले दो माह से आ-जा रहे हैं. इसके कारण ही इस रूट पर कई तरह की परेशानियां हो रही हैं और लोगों को महाजाम से लगातार जूझना पड़ रहा है. जानकारी के अनुसार कुरसेला पुल का एक तरफ का हिस्सा झुक गया है.

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सेतु से जुड़े सड़क रेलिंग क्षतिग्रस्त होकर जोड़ से नीचे की ओर चले गये हैं. सेतु सड़क का तीन तिहाई हिस्सा धंसने के स्थिति से प्रभावित है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुल पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गयी है, जबकि यात्री वाहनों से यात्रियों को नीचे उतार कर पार कराया जा रहा है. एनएचएआइ के पेट्रोलिंग अभियंता शेखर झा ने बताया कि सेतु के बेयरिंग में दरार आने से पुल नीचे धंसने के हालात बने हैं. विभाग के बड़े अधिकारियों को पुल के क्षतिग्रस्त स्थितियों से अवगत करा दिया गया है. तकनीकी विशेषज्ञ अभियंताओं के आने के बाद पुल के क्षतिग्रस्त स्थितियों के मरम्मत कार्य किया जायेगा. तकरीबन तीन साल पूर्व सेतु का बेयरिंग बदला गया था.

कुरसेला थाना पुलिस ने सड़क सुरक्षा के लिए सेतु पर सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया है. सड़क सेतु से यात्री बसों, चार चक्का, छोटे वाहनों को धीमी गति में पार कराया जा रहा है. बेगूसराय की एनएचएआइ की टीम कुरसेला पहुंच कर क्षतिग्रस्त ब्रिज की जांच-पड़ताल में जुटी है, जबकि दिल्ली से तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी पहुंची है. माना जा रहा है कि क्षतिग्रस्त पुल के मरम्मत होने तक सड़क पुल के परिचालन पर रोक लग सकती है.

130 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी : बंगाल व नॉर्थ इस्ट से आनेवाले ट्रकों को नवगछिया जाने के लिए गुलाबबाग जीरो माइल, अररिया, मधेपुरा, सहरसा के रास्ते महेशखूंट डुमरी पुल पार कर एनएच 31 पर आना होगा. फिर महेशखूंट से नारायणपुर होते हुए नवगछिया ट्रक को ले जा सकते हैं. इस तरह से करीब 130 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी. इससे मालवाहक के खर्च में इजाफा हो सकता है और कुछ आवश्यक वस्तुओं की कीमत में कृत्रिम उछाल आ सकता है. बिहार के अन्य हिस्से व पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों से आ रहे ट्रकों को भी बंगाल व नॉर्थ इस्ट जाने के लिए इसी रूट का पालन करना पड़ेगा.

व्यवसायियों को नुकसान : एनएच 31 सड़क दिल्ली से सिक्किम, असम, नागालैंड, पश्चिम बंगाल, मेघालय, मणिपुर राज्यों के साथ नेपाल, भूटान जैसे देशों को जोड़ने वाली एक मात्र सड़क है. कुरसेला कोसी सेतु पर पुल धंसने से उन सात राज्यों के मालवाहक वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह से रोक लग जायेगी. इससे व्यवसायियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. चूंकि दिल्ली, पटना, भागलपुर, रांची सहित कई बड़े शहरों से बड़े पैमाने पर व्यापारी अपना माल सड़क मार्ग से मंगाते हैं. यदि पुल की मरम्मत शीघ्र नहीं हुई, तो सामान की कमी भी हो सकती है. दूसरी ओर बिहार के आठ से अधिक जिले इससे सीधे तौर प्रभावित हुए हैं.

कुरसेला पुल की जांच करने पहुंचे एनएचएआइ के इंजीनियर
पथ निर्माण मंत्री ने कहा स्थिति पर पूरी नजर

पटना. कुरसेला में कोसी नदी पर स्थित पुल के धंस जाने के कारण इस मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है. बड़ी गाड़ियों की आवाजाही पुल पर रोक दी गयी है. पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने बताया कि यह एनएचआइ के इंजीनियर और विशेषज्ञ पूरी स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं. प्रथम दृष्टया पुल में लगे बेयरिंग में खराबी बताया जा रहा है.

शुक्रवार की सुबह जैसे ही पुल के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी पथ निर्माण विभाग को मिली तुरंत इसकी सूचना एनएचएआइ को दी गयी. बेगूसराय से एनएचआइ के विशेषज्ञ कुरसेला पुल पर पहुंच गये हैं. देर रात तक दिल्ली से भी एनएचएआइ के विशेषज्ञों की टीम पुल का निरीक्षण करने पहुंच जायेंगे. पुल पर मौजूदा भार की जांच होगी. पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि विभाग के अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. समीक्षा हो रही है. वे खुद इसकी जानकारी ले रहे हैं. पुल की युद्धस्तर पर मरम्मत होगी.

By न्यूज़ डेस्क

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