होली आठ मार्च को है। इस बार होली में उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र व शूल योग का संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा को प्रदोष काल में होलिका दहन होगा। उसके अगले दिन यानि चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को होली खेली जायेगी। इस बार साल रंगों वाली होली आठ मार्च को है। जगन्नाथ मंदिर के पंडित सौरभ कुमार मिश्रा ने बताया कि होली आठ मार्च को है। सात मार्च को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन का पर्व मनाया जाएगा। होलिका दहन के लिए लकड़ी और उसके पास उपलों को रखकर शुभ मुहूर्त में जलाया जाता है। इसमें छेद वाले गोबर के उपले, गेंहूं की बालियां, उपटन, नारियल आदि को डालकर जलाया जाता है।

Whatsapp group Join

मान्यता है कि ऐसा करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और घर में खुशियां आती है। उन्होंने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार हिरण्यकश्यप नाम का एक राजा था जिसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का भक्त था। हिरण्यकश्यप को यह बिल्कुल पसंद नहीं था। इसलिए वह अपने बेटे को मारने का प्रयास करता था। उसने अपने बेटे को मारने के लिए अपनी बहन होलिका को उसे लेकर आग में बैठने को कहा। होलिका को आग में ना जलने का वरदान था, लेकिन जैसे ही वह प्रह्लाद को लेकर आग में बैठी। वह खुद जलने लगी लेकिन प्रह्लाद बच गया। मान्यता है कि इसी के बाद से हर साल होलिका दहन किया जाता है।

बाजार में पिचकारी की बिक्री बढ़ी

होली को लेकर बाजार में कई तरह की पिचकारी मिल रही है। इस बार सिलेंडर वाला अबीर आया है। सिलेंडर दो व पांच किलो में उपलब्ध है। इसके साथ बच्चों के लिए मोटू-पतलू, छोटा भीम, स्पाइडरमैन, प्रेशर गन पिचकारी, सीरिंज वाली पिचकारी भी बाजार में मिल रही है।

वेरायटी चौक स्थित विक्रेता कैलाश मावंडिया ने बताया कि बाजार में दिल्ली व कोलकाता से पिचकारी आ चुकी है। बच्चों के लिए एक दर्जन से अधिक तरह की पिचकारी बाजार में मिल रही। पिचकारी की कीमत 50 रुपये से 2000 तक है। इसके साथ स्प्रे वाले गुलाल की कीमत 500 व कलरफुल गुलाल 250 से 350 रुपये में उपलब्ध है। पिछले साल की तुलना में पिचकारी के दाम में दस से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet