नवगछिया :नगर परिषद स्थित बड़ी घाट ठाकुरबाड़ी में चल रही सात दिवसीय भागवत कथा व लड्डू गोपाल सहस्रार्चन पूजन के दूसरे दिन रविवार को कथावाचक सिया वल्लभ शरण महाराज ने हुए कहा कि भागवत के चार अक्षर हैं। भा से भक्ति, ग से ज्ञान, व से वैराग्य और त से त्याग है।
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उन्होंने कहा कि भागवत के छह प्रश्न-निष्काम भक्ति, 24 अवतार, नारद जी का पूर्व जन्म, परीक्षित का जन्म, माता कुंती के विपत्ति की याचना है। क्योंकि दुख में ही तो गोविंद के दर्शन होते हैं। जीवन की अन्तिम बेला में भीष्म पितामह ने प्रभु कृष्ण के दर्शन करते हुये अद्भुत देह का त्याग किया था।
कथावाचक ने राजा परीक्षित को श्राप कैसे लगा तथा भगवान श्री शुकदेव उन्हें मुक्ति प्रदान करने के लिये कैसे प्रगट हुए, इसका भी उन्होंने भावपूर्ण वर्णन किया। मौके पर पंडित सत्यम पांडेय, विनोद मिश्र, ज्ञान शंकर झा, कौशलेंद्र ठाकुर, प्रवीण भगत, विश्वास झा आदि मौजूद थे।

