नारायणपुर प्रखंड के नगरपारा उत्तर पंचायत में स्थित मध्य विद्यालय नारायणपुर को दूसरे स्कूल में मर्ज करने के फैसले का ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया। मंगलवार को दर्जनों ग्रामीणों ने स्कूल में पहुंचकर प्रदर्शन किया और शिक्षकों को बंधक बना लिया।

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ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा विद्यालयों को मर्ज करने के लिए जो गाइडलाइन तय की गई है, उसके अनुसार यह स्कूल मर्ज होने के योग्य नहीं है, फिर भी इसे इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय नारायणपुर में मर्ज किया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बिना ग्रामीणों की सहमति के गुपचुप तरीके से आम सभा कर मर्ज का फैसला ले लिया।

ग्रामीणों ने बताया कि नया स्कूल यहां से काफी दूर है और वहां जाने के लिए बच्चों को राष्ट्रीय राजमार्ग NH-31 पार करना पड़ेगा। इससे उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा होगा और कभी भी कोई हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने सैकड़ों लोगों के हस्ताक्षर युक्त आवेदन जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी को सौंपकर इस फैसले को रद्द करने की मांग की है।

लोगों ने कहा सहमति के बिना ही कर दिया स्कूल मर्ज।
लोगों ने कहा सहमति के बिना ही कर दिया स्कूल मर्ज।

बच्चे इसी स्कूल में पढ़ेंगे, वरना कहीं नहीं जाएंगे

प्रदर्शन के दौरान गुस्साए अभिभावकों ने साफ कह दिया कि उनके बच्चे इसी स्कूल में पढ़ेंगे, वरना वे उन्हें कहीं और नहीं भेजेंगे। घंटों चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच शिक्षकों को भी बंधक बना लिया गया।

स्कूल प्रशासन भी अनभिज्ञ, केवल आदेश का पालन कर रहे शिक्षक

विद्यालय के प्रभारी ने कहा कि उन्हें केवल व्हाट्सएप पर सूचना मिली थी कि यह स्कूल दूसरे विद्यालय में मर्ज किया जा रहा है। इससे पहले क्या योजना बनी थी, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि वे केवल उच्च अधिकारियों के आदेश का पालन कर रहे हैं।

मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। फिलहाल, पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है और लोग प्रशासन के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

By न्यूज़ डेस्क

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