भागलपुर नमामि गंगे परियोजना के तहत नवगछिया अनुमंडल कार्यालय के पास 61 करोड़ 89 लाख रुपये की लागत से जनवरी 2020 में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण शुरू किया गया था. प्लांट का काम 2022 की शुरुआत में ही पूरा कराने की समय सीमा तय की गयी थी. लेकिन, तकनीकी कारणों से यह अब तक पूरा नहीं हो सका है. इसका निर्माण तोशीबा वॉटर सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी करा रही है. कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अमन कुमार कहते हैं कि इस प्लांट से प्रतिदिन लगभग 09 लाख लीटर पानी रीसायकल किया जाएगा. योजना लागत में 15 साल का मेंटेनेंस पॉलिसी भी शामिल है. अमन कुमार के अनुसार प्लांट निर्माण का काम अप्रैल 2023 में ही पूरा हो चुका है.
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दो साल से स्वीकृति की आशा में है आउट हॉल स्ट्रक्चर बनाने का प्रस्ताव
ऑफिस इंचार्ज राकेश मोहन ने बताया कि पानी को स्टॉक करने वाला काम पूरा कर लिया गया है. प्लांट से पानी निकासी की योजना पूरी नहीं हो सकी है. प्लांट के बाहर मेन गेट पर ही आउट हॉल स्ट्रक्चर बनाना है, जिसके लिए लगभग दो साल से प्रस्ताव बनाकर बुडको के माध्यम से नमामि गंगे योजना मुख्यालय को भेजा गया है. अब तक वहां से स्वीकृति नहीं मिली है. आउट हॉल स्ट्रक्चर बनने के बाद नवगछिया के सभी छोटे-बड़े नालों का गंदा पानी पाइप लाइन के माध्यम से मेन प्लांट तक आएगा. यहां से उसे रिसाइकल करके पाइपलाइन के माध्यम से ही प्रमुख खरनय नदी में छोड़ा जाएगा. इसके साथ ही किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए भी उपलब्ध करवाया जाएगा. प्रोजेक्ट के तहत नवगछिया में पांच सब स्टेशन भी बन कर तैयार है. तीन महीने के अंदर इसे चालू कराने का लक्ष्य है. नगर परिषद के तहत बुडको द्वारा यह काम कराया जा रहा है.
छह पंप हाउस बनाये गये हैं, बिछ गयी है 19 किमी लंबी पाइपलाइन
शहर के विभिन्न नालों के पानी को ट्रीटमेंट प्लांट में केमिकल द्वारा शुद्ध कर खरनय नदी में छोड़ा जाएगा. इससे जल प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकेगा. नगर परिषद क्षेत्र में 06 जगहों पर पंप हाउस बनाये गये हैं. इनमें सिमरा, उजानी, नवगछिया हाईस्कूल, नगर परिषद और प्रखंड कार्यालय परिसर शामिल है. 19 किमी लंबी पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है. पाइप के माध्यम से गंदे पानी को ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा.

क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी
नगर परिषद नवगछिया के सभापति प्रीति कुमारी ने कहा कि आउट हॉल स्ट्रक्चर बनाना है. आउट हॉल से जो पानी रिफाइन होगा, वह कहां जाएगा इसकी स्वीकृति अभी तक नहीं मिली है. प्राक्कलन और नक्शा बना कर भेजा गया है मगर स्वीकृति ही नहीं मिली है. हमलोग कई बार विभाग को चिट्ठी लिखे हैं.
बोले अधिकारी
डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने कहा कि नवगछिया में निर्माणाधीन वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का जल्द ही रिव्यू करेंगे. जो भी परेशानी है उसके निराकरण का प्रयास किया जायेगा.
