नवगछिया क्षेत्र में शुक्रवार की देर शाम आई तेज आंधी और बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय रबी और बागवानी फसलों का महत्वपूर्ण दौर चल रहा है, ऐसे में मौसम के इस बदलाव से किसानों के चेहरे पर मायूसी साफ झलकने लगी है।
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गेहूं की फसल जहां पककर तैयार होने के कगार पर है, वहीं मक्के की फसल भी लगभग तैयार है। इसके अलावा आम और लीची के बागानों में मंजर आ चुके हैं और फलियां बनने लगी हैं। किसानों का कहना है कि हल्की बारिश से ज्यादा नुकसान नहीं होता, लेकिन तेज हवा फसलों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
मड़वा के किसान अरुण सनगही बताते हैं कि बारिश से कोई खास नुकसान नहीं होता, लेकिन तेज हवा चलने पर मक्के के पौधे गिर सकते हैं, जिससे भारी क्षति हो सकती है। वहीं आम और लीची बागान के मालिक राजेश चौधरी का कहना है कि इस समय आम के पेड़ों में मंजर हैं और तेज हवा व बारिश के कारण उनके झड़ने की आशंका है, जिससे उत्पादन में भारी कमी आ सकती है।

इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी अमन निसार ने बताया कि फिलहाल हल्की बारिश से गेहूं को ज्यादा नुकसान नहीं है, लेकिन यदि एक सप्ताह के भीतर कटाई योग्य फसल पर लगातार बारिश होती है और खेतों में जलजमाव हो जाता है, तो नुकसान बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मक्का, आम और लीची की फसलों पर आंधी का प्रभाव अधिक पड़ता है।
कुल मिलाकर, मौजूदा मौसम किसानों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। यदि आने वाले दिनों में तेज हवा और लगातार बारिश होती है, तो फसलों को व्यापक नुकसान हो सकता है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरने की आशंका है।
