नवगछिया : विक्रमशिला सेतु पर परिचालन ठप होने के बाद गंगा पार आवागमन पूरी तरह फेरी सेवा पर निर्भर हो गया है, जिससे तिनटंगा करारी घाट और कहलगांव गंगा घाट पर अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यात्रियों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ने के कारण घाट पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।

स्टीमर के कहलगांव से तिनटंगा करारी पहुंचते ही यात्रियों में टिकट लेने की होड़ मच गई। कई लोग धक्का-मुक्की के बीच टिकट लेने की कोशिश करते दिखे, वहीं भीड़ का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्वों ने लोगों के मोबाइल भी गायब कर दिए।

स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन सक्रिय हुआ। बीडीओ निशांत कुमार और सीओ रौशन कुमार मौके पर पहुंचकर फेरी सेवा प्रबंधन को जरूरी निर्देश दिए। साथ ही जिप अध्यक्ष विपिन कुमार मंडल ने भी घाट का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया।

इधर, लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए तिनटंगा करारी घाट पर कंट्रोल रूम बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस कंट्रोल रूम में अधिकारियों, कर्मियों के साथ आपदा मित्रों की तैनाती की जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। यात्रियों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।

फेरी सेवा पर निर्भरता बढ़ने से दूध कारोबार पर भी असर पड़ा है। बिहपुर क्षेत्र से प्रतिदिन 50 से 60 क्विंटल दूध भागलपुर भेजा जाता है, लेकिन अब विक्रेताओं के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे समय पर दूध कहां और कैसे बेचें। परिवहन बाधित होने से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है।

कुल मिलाकर, पुल बंद होने से आम लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो गई है और प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

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By न्यूज़ डेस्क

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