नवगछिया : पूर्वोत्तर राज्यों को अंग क्षेत्र से रेल मार्ग के जरिए जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी विक्रमशिला-कटरिया रेल लाइन परियोजना की तैयारी अब तेज हो गई है। भागलपुर में गंगा नदी पर बनने वाले पहले रेल पुल के निर्माण के लिए रेलवे ने जमीन चिह्नित कर ली है। इस परियोजना के तहत कुल 695 रैयतों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
पूर्व-मध्य रेलवे द्वारा 222.0311 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसको लेकर रेलवे ने रविवार को 11 मौजों में स्थित जमीन मालिकों के नाम का इश्तेहार जारी किया है, ताकि समय रहते दावा और आपत्ति का निपटारा किया जा सके।
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि पूर्व रेलवे की ओर से 20 ई (रैयतों की सूची) प्रकाशित कर दी गई है। अधिग्रहण की जद में आने वाली जमीन में 138 प्लॉट सरकारी हैं, जो उद्योग विभाग, शिक्षा विभाग, अनावाद बिहार सरकार और केंद्र सरकार से संबंधित हैं।

परियोजना की जद में 79 आवासीय प्लॉट भी आए हैं। इसके अलावा सात प्लॉट गंगा नदी क्षेत्र में और 13 प्लॉट बालू क्षेत्र में स्थित हैं। रेल लाइन के एलाइन्मेंट में एक पीर बाबा स्थान और एक मंदिर भी प्रभावित हो रहे हैं।
इन मौजों की जमीन होगी अधिग्रहित
नैनसिंह, सैलेन्द्रा इंग्लिश, सैलेंद्र, बिशुनपुर, लौगांई, हबीपुर, परशुरामचक, भवानीपुर, नंदगोला, मधोरामपुर और तिनटंगा मौजा की जमीन परियोजना में शामिल की गई है।
परियोजना एक नजर में
- विक्रमशिला-कटरिया रेल पुल परियोजना को वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य।
- भागलपुर के कहलगांव, रंगरा और गोपालपुर क्षेत्र में होगा भू-अर्जन।
- परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1153 करोड़ रुपये।
- गंगा पर बनने वाला रेल पुल 13 मीटर चौड़ा डबल लाइन स्टील ट्रस ब्रिज होगा।
- इरकॉन एजेंसी को सेंटर लाइन मिलान और पिलर मार्किंग का कार्य सौंपा गया है।
- वर्ष 2031 तक इस पुल पर ट्रेनों का परिचालन शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद भागलपुर और सीमांचल क्षेत्र का रेल संपर्क पूर्वोत्तर राज्यों से और मजबूत होने की उम्मीद है।

