भागलपुर: विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य के दौरान बरारी घाट और महादेवपुर घाट के बीच संचालित नाव सेवा को लेकर किराया वसूली की शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि नाव सेवा पूरी तरह निशुल्क है और किसी भी यात्री या मोटरसाइकिल चालक से किराया लेना नियमों के विरुद्ध है।
बुधवार को जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि दोनों घाटों के बीच चल रही नाव सेवा का खर्च प्रशासन द्वारा वहन किया जा रहा है। यात्रियों और मोटरसाइकिलों के परिवहन के लिए निर्धारित राशि सीधे नाविकों के खातों में भेजी जा रही है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति से किराया वसूलने का कोई प्रावधान नहीं है।
भास्कर की पड़ताल के बाद आया प्रशासन का बयान
गौरतलब है कि मंगलवार को मीडिया रिपोर्ट में कई यात्रियों ने आरोप लगाया था कि नाव चालक प्रति व्यक्ति 50 रुपये तक की वसूली कर रहे हैं। यात्रियों का कहना था कि घाट पर किसी भी नाव में मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं दी जा रही और सभी से पैसे लिए जा रहे हैं।

इन आरोपों के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई नाविक यात्रियों से पैसे मांगता है या वसूली करता है, तो इसकी शिकायत तुरंत बरारी घाट स्थित नियंत्रण कक्ष में की जाए। शिकायत मिलने पर संबंधित नाविक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अपंजीकृत नावों पर भी रहेगी नजर
प्रशासन ने बताया कि केवल पंजीकृत और सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने वाली नावों को ही परिचालन की अनुमति दी गई है। यदि कोई अपंजीकृत या असुरक्षित नाव चोरी-छिपे संचालित होती पाई जाती है, तो उसकी सूचना भी नियंत्रण कक्ष को दी जा सकती है।
सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद नाव बनी सहारा
उल्लेखनीय है कि 4 मई को विक्रमशिला सेतु के पाया संख्या 7-8 के समीप संरचनात्मक क्षति होने के बाद आवागमन प्रभावित हो गया था। इसके बाद बरारी घाट और महादेवपुर घाट के बीच नाव सेवा लोगों के लिए प्रमुख आवागमन का साधन बन गई है।
हाल ही में भागलपुर दौरे पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी घोषणा की थी कि बेली ब्रिज तैयार होने तक आम लोगों को नाव से मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

