भागलपुर: जिले के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा की राह अब और आसान होने जा रही है। प्रशासन ने जिले के छह नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों में आगामी 1 जुलाई 2026 से नियमित पठन-पाठन शुरू कराने की तैयारी तेज कर दी है। इसको लेकर बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कॉलेज संचालन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया गया।
छह प्रखंडों में शुरू होंगे नए कॉलेज
जिले के पीरपैंती, गोराडीह, खरीक, रंगराचौक, इस्माइलपुर और गोपालपुर प्रखंडों में नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों का संचालन शुरू किया जाएगा। स्थायी भवन निर्माण कार्य अभी जारी रहने के कारण प्रारंभिक चरण में कक्षाओं का संचालन चयनित प्लस-टू विद्यालयों एवं अन्य सरकारी भवनों में किया जाएगा।

प्रत्येक कॉलेज के लिए चार से पांच कमरों को चिह्नित किया गया है, जहां अस्थायी रूप से पढ़ाई शुरू होगी।
बुनियादी सुविधाओं को लेकर डीएम सख्त
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि चयनित भवनों में किसी प्रकार की आधारभूत सुविधा की कमी नहीं रहनी चाहिए। कमरों की मरम्मत, फर्श निर्माण, खिड़कियों की मरम्मत, रंग-रोगन, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं को समय पर पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि सभी प्रस्तावित स्थलों का अभियंताओं एवं प्रभारी प्राचार्यों द्वारा भौतिक निरीक्षण और सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है।
फर्नीचर और कंप्यूटर की होगी व्यवस्था
कॉलेजों में छात्रों और शिक्षकों के लिए पर्याप्त संख्या में बेंच-डेस्क, टेबल, कुर्सियां, कंप्यूटर और अन्य शैक्षणिक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने अति-अल्पकालीन निविदा प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है।
18 जून तक पूरी होगी तैयारी
डीएम ने निर्देश दिया कि 15 जून तक निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जाए और 18 जून तक सभी कॉलेजों में फर्नीचर, कंप्यूटर एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की स्थापना सुनिश्चित कर दी जाए।
उन्होंने कहा कि जुलाई से नियमित कक्षाएं शुरू होनी हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हजारों छात्रों को मिलेगा फायदा
नए कॉलेजों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही स्नातक स्तर की पढ़ाई का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा और शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान होगी।
बैठक में डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह, अपर समाहर्ता दिनेश राम, जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा, जिला योजना पदाधिकारी मोनू कुमार समेत कई अधिकारी और छह नवस्थापित कॉलेजों के प्रभारी प्राचार्य उपस्थित रहे।

